चंडीगढ़ | हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र की 7 मार्च से शुरूआत हो रही है. मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पार्टी (Haryana Congress) ने अभी तक नेता विपक्ष घोषित नहीं किया है, जबकि चुनाव हुए 4 महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है. कांग्रेस हाईकमान ने बीके हरिप्रसाद को हरियाणा का नया प्रभारी नियुक्त किया है, जिसके बाद नेता प्रतिपक्ष के नाम पर मुहर लगने की संभावना तेज हो गई है.
नेता विपक्ष के नाम का बढ़ता इंतजार
हरियाणा में चुनाव हुए 4 महीने से ज्यादा का समय हो चुका है, लेकिन अभी तक कांग्रेस पार्टी नेता प्रतिपक्ष के नाम का ऐलान नहीं कर पाई है. जबकि पार्टी इस मामले में केंद्र से भेजे गए प्रवेक्षकों के जरिए विधायकों की राय भी ले चुकी है. विधायकों ने इस मामले में हाईकमान को भी अधिकृत कर दिया था. इसके बावजूद, अभी तक इस पर पार्टी फैसला नहीं ले पाई है.
पहले दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद नेता विपक्ष घोषित होने की चर्चाएं तेज हो रही थी, लेकिन अब निकाय चुनावों भी कांग्रेस पार्टी नेता प्रतिपक्ष के बिना लड़ रही है. ऐसे में सवाल यही है कि क्या कांग्रेस बजट सत्र से पहले या फिर निकाय चुनाव के नतीजों के बाद विधायक दल के नेता का नाम तय करेगी.
सदमे में कांग्रेस पार्टी
राजनीतिक मामलों के जानकर और कांग्रेस पार्टी को लंबे वक्त से देख रहे धीरेंद्र अवस्थी ने कहा कि विधानसभा चुनाव में अप्रत्याशित हार झेलने वाली कांग्रेस पार्टी अभी भी सदमे से उबर नहीं पाई है. हालांकि, अब निकाय चुनावों के बाद नेता प्रतिपक्ष के नाम पर मुहर लगने की पूरी उम्मीद जताई जा रही हैं क्योंकि नेता प्रतिपक्ष एक ऑफिशियल जरूरत होती है.
पिछले सत्र में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने वरिष्ठ होने के नाते उस जिम्मेदारी को बखूबी निभाया था. ऐसे में ये भी हो सकता है कि वे फिर से बिना नेता विपक्ष के इस जिम्मेदारी को फिर से बजट सत्र में निभाते हुए दिखाई दे.
