चंडीगढ़ | हरियाणा विधानसभा मानसून सत्र 26 अगस्त से शुरू होने वाला था. जिसमें प्रवेश से पहले कोरोना की नेगेटिव रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य कर दिया गया था. जिसके तहत सभी विधायकों को अपना कोरोना टेस्ट करवाने के आदेश जारी हो गए थे. परन्तु अभी 2 दिन पहले ही सीएम मनोहर लाल खट्टर और स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है. जिसके बाद सीएम खट्टर और स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता अपने अपने घर में ही मेडिकल सुविधाओं के साथ आईसोलेशन में हैं.
सीएम व स्पीकर के संक्रमित होने से अब डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ब डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा ही सत्र का संचालन करेंगे. हालांकि दुष्यंत चौटाला द्वारा सदन का संचालन करने पर अनिल विज तथा कुछ नेताओं को ऐतराज भी है. इसी के मद्देनजर विधानसभा अध्यक्ष व सीएम ने पिछले कुछ दिनों में उनके संपर्क में आने वाले लोगों से कोविड 19 की जांच कराने और स्वयं के आइसोलेशन में रहने की गुजारिश की है.
क्या सत्र हो सकता है स्थगित
चूंकि मानसून सत्र में विधानसभा सभा मे कई प्रस्ताव व विधेयक पास करने हैं जो मुख्यमंत्री व स्पीकर की गैरहाजिरी में सम्भव नहीं है. अतः कयास लगाए जा रहे हैं कि डिप्टी स्पीकर रणवीर गंगवा शोक प्रस्ताव की कार्यवाही के बाद मानसून सत्र को 10 दिन या 2 सप्ताह के लिए स्थगित कर सकते हैं.
वहीं दूसरी तरफ सीएम व स्पीकर के अतिरिक्त हरियाणा विधानसभा में रामकुमार कश्यप, मूलचंद शर्मा, असीम गोयल व 9 अन्य कर्मचारी भी कोरोना से संक्रमित पाए गये हैं जो काफी चिंताजनक बात है. वैसे तो सदन में बैठने को लेकर कोरोना गाइडलाइंस का पालन करते हुए सभी सतर्कता बरती जाएगी. परन्तु अब देखना यह होगा कि सदन की कार्यवाही कल से नियमित रूप से शुरु होगी या स्थगित होगी.
