6 महीने में अंजलि राघव के सिर से उठ गया था माता- पिता का साया, जिन्होंने कभी दिए थे ताने अब तरसते हैं सेल्फी के लिए

मनोरंजन डेस्क | अंजलि राघव आज एक जाना पहचाना नाम है. आज अंजली राघव ने सोशल मीडिया स्टार, हरियाणवी मॉडल और स्टेज डांसर के रूप में अपनी पहचान बना ली है. वैसे, अब अंजलि का दायरा सिर्फ हरियाणवी गानों तक ही सीमित नहीं रहा, क्योंकि अब वह राजस्थानी फिल्म ‘भरखमा’ में भी अपने जलवे बिखेरती नजर आने वाली है.

Anjali Raghav

फिल्म लॉन्च पर पहुंची थी अंजलि

दरअसल, राजस्थानी फिल्म ‘भरखमा’ के पोस्टर और गाने के लॉन्चिंग इवेंट में अंजलि राघव (Anjali Raghav) जयपुर पहुंची थी. उस समय उन्होंने अपने परिवार, जीवन संघर्ष, एक्टिंग, डांस और इंडस्ट्री के विषय में खुलकर बातें बताईं. उन्होंने अपने बीते दिनों को याद करते हुए की एक समय ऐसा था जब लोग उन्हें ताने मारते थे, लेकिन आज वही अंजलि पर गर्व भी करते हैं.

6 महीने में खो दिया माता- पिता

मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि 10वीं कक्षा के दौरान वह दिल्ली आ गई थी. 11वीं और 12वीं के दौरान ही उनके पापा की दोनों किडनी खराब हो गई थी, तब वह डायलिसिस पर थे. जब वह कॉलेज में हुई तो उन्होंने अपने पिता को खो दिया. उनसे 6 महीने पहले ही उनकी माता का भी ब्रेन हेमरेज से देहांत हो गया था. अब घर में दो बहनें शिखा राव, शिवानी राघव और भाई कमल राघव बचे थे.

टीचर बनना चाहती थी अंजलि

अंजलि की इच्छा थी कि वह बड़ी होकर टीचर बने. हॉस्टल में रहकर अंजलि ने आठवीं और दसवीं की पढ़ाई पूरी की थी. दसवीं कक्षा में आते- आते वह बड़ी बहनों के स्टेज शो देखने जाया करती थी. धीरे- धीरे उसका मन भी हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री की तरफ हो गया. पिता बीमार थे, जिनके इलाज का खर्च सभी बहनें मिलकर निकाल लिया करती थी.

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कई बार हुआ था इस काम को छोड़ने का मन

अंजलि कहती हैं कि जब भी उनका इस काम को छोड़ने का मन होता, तभी उनका कोई ना कोई गाना हिट हो जाता. बस इस मोह की वजह से ही वह इंडस्ट्री को नहीं छोड़ पाई. उसके बाद तो हरियाणा ही नहीं, बल्कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब और राजस्थान में भी अंजलि को जबरदस्त काम मिलना शुरू हो गया.

अंजलि बताती है कि जब शुरुआती संघर्ष के दिनों में वह देर रात को घर से निकलते थे और देर रात को ही वापस लौटते थे, तब लोग खूब ताने देते थे, लेकिन उन्होंने अपने काम पर ध्यान लगाया. धीरे- धीरे उन्हें नाम, पैसा और शोहरत मिलने लगी. आज ताने मारने वाले लोग ही अब उनसे सेल्फी की डिमांड करते हैं.

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Nisha Tanwar
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