हरियाणा में सरकारी स्कूल के बच्चों ने किया कमाल, पढ़ते-पढ़ते बना डाला बेमिसाल ड्रोन

फरीदाबाद | हरियाणा के सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर अक्सर सवाल खड़े किए जाते हैं लेकिन ऐसा नहीं है. यदि बच्चों में पढ़ाई के प्रति जज्बा और कड़ी मेहनत करने की क्षमता हैं तो सरकारी स्कूलों में भी पढ़ाई करके नए कीर्तिमान स्थापित किए जा सकते हैं. ऐसा ही एक उदाहरण फरीदाबाद जिले के गांव अजरौंदा के गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल के बच्चों ने पेश किया है.

Faridabad School

बच्चों ने बनाया ड्रोन

गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल की प्रिंसिपल पूनम तनेजा ने बताया कि हमारे स्कूल के बच्चों ने अपने हुनर का इस्तेमाल करते हुए कमाल कर दिया है. बच्चों ने जब हमें उनके ड्रोन के प्रोजेक्ट के बारे में बताया तो हम काफी उत्साहित थे. हमने बच्चों को पूरा सहयोग देते हुए उनका हौसला बढ़ाया और उसका परिणाम यह हुआ कि अब ड्रोन बनकर तैयार हो चुका है. कक्षा 7वीं, 8वीं और 10वीं के कुछ बच्चों ने मिलकर दो ड्रोन तैयार किए हैं.

प्रिंसिपल ने बताया कि ड्रोन तैयार करने के लिए बच्चों ने अपनी पूरी मेहनत झोंक रखी थी और छुट्टी होने के बावजूद भी बच्चे ड्रोन प्रोजेक्ट को सफल बनाने में जुटे रहते थे. जब ड्रोन बनकर तैयार हुआ तो बच्चे खुशी से फूले नहीं समा रहे थे. उन्होंने हमें आकर बताया कि मैडम जी ड्रोन तैयार हो गया है और हवा में उड़ सकता है.

इसके बाद हमने ड्रोन को हवा में उड़ाया और ड्रोन के जरिए पूरे स्कूल की तस्वीरें भी देखी. कुछ दिन बाद जब स्कूल में प्रवेश उत्सव का आयोजन किया गया तो हमारे स्कूल में जिला शिक्षा अधिकारी और शिक्षा विभाग के अधिकारी भी आए थे. उस दिन ड्रोन के जरिए उन पर फूलों की बारिश की गई जिसे देखकर सभी काफी ज्यादा खुश हुए और उन्होंने बच्चों की जमकर तारीफ की.

35 हजार आया खर्च

प्रोजेक्ट में हेल्प करने वाले टेक्नो ड्रोन से आए मुकेश ने बताया कि सरकारी स्कूल के बच्चों ने ऐसा कारनामा किया है, जो अपने आप में बेहद ही खुशी वाली बात है. इस प्रोजेक्ट पर 35 हजार रूपए खर्च हुआ है, जिसका भुगतान सरकार की ओर से किया गया है. अब स्कूल के बच्चे जल्द ही अगले प्रोजेक्ट पर काम शुरू करेंगे, जिसके तहत स्कूल की साफ-सफाई रोबोट के जरिए करवाई जाएगी.

स्कूल में स्थित अटल टिंकरिंग लैब की हेड रेनू ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के कई सरकारी स्कूलों में अटल टिंकरिंग लैब की स्थापना की गई है ताकि छोटे बच्चे स्कूल लेवल पर ही रोबोटिक्स में निपुणता हासिल कर सकें. इसी के तहत स्कूली बच्चों ने ड्रोन तैयार किया है. इस ड्रोन की खासियत यह है कि ये 2 किलोग्राम तक बोझ उठा सकता है. इस ड्रोन से फूलों की बारिश की जा सकती है तो वहीं साथ ही वीडियो बनाने के साथ-साथ स्कूल की निगरानी भी कर सकता है.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.