फरीदाबाद | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे फरीदाबाद शहर में पानी की किल्लत को दूर करने की दिशा में निरंतर नए प्रयास किए जा रहे हैं. इसी कड़ी में अब अरावली की पहाड़ियों से यमुना नदी तक जाने वाले बुढ़िया नाले को भू- जल संरक्षण का बड़ा केंद्र बनाने की योजना बनाई गई है. इस योजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार कर ली गई है जिसके मुताबिक इस नाले में 26 पौंड व 641 रिचार्ज स्ट्रक्चर बनाने की तैयारियां शुरू हो गई है.
इस योजना पर करीब 20 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान जताया गया है. सिंचाई विभाग से मंजूरी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. उसके बाद वर्क अलॉट कर काम शुरू किया जाएगा. इस योजना के पूरा होने पर यमुना नदी किनारे भूजल स्तर पर सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद जताई गई है. वहीं, नदी किनारे लगे रेनीवेल का जल स्तर बढ़ाने में मदद मिलेगी.
बोरवेल रिचार्ज से मिलेगी राहत
फरीदाबाद शहर की प्यास बुझाने के लिए यमुना नदी किनारे लगे रेनीवेल से पानी आता है. लगातार गिरते भूजल स्तर के चलते रेनीवेल हांफने लगते हैं और क्षमता के मुताबिक जलापूर्ति नहीं कर पाते हैं इसीलिए अरावली पहाड़ियों से यमुना नदी तक जाने वाले बुढ़िया नाले को भू- जल संरक्षण का बड़ा केंद्र बनाने की योजना बनाई गई है ताकि रेनीवेल को रिचार्ज किया जा सकें.
यह नाला बहुत चौड़ा व गहरा है और मानसून में यमुना नदी के बढ़े हुए जलस्तर को इसी नाले में संरक्षित किया जाता है. 18 किलोमीटर लंबे इस बुढ़िया नाले में पहले अरावली पहाड़ियों में बारिश के दौरान का पानी आता था लेकिन अब इसमें आसपास की कॉलोनियों और झुग्गी- बस्तियों का गंदा पानी आता है. इसलिए अब इस नाले के सदुपयोग करने की योजना बनाई गई है.
FMDA ने बनाई योजना
फरीदाबाद मेट्रो डिवलेपमेंट ऑथोरिटी (FMDA) द्वारा तैयार की गई इस योजना को खुद मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सराहा है. अब भूजल रिचार्ज करने के लिए FMDA द्वारा पूरे नाले की सफाई की जाएगी और नए सिरे से खोदाई की जाएगी. फिर हर 30 मीटर की दूरी पर बोरिंग की जाएगी जिससे पानी नीचे जा सके. इससे बाढ़ का पानी जमीन के नीचे चला जाएगा और सालभर तक किनारे पर लगे रेनीवेल रिचार्ज रहेंगे.
