फरीदाबाद में लोगों को जल्द मिलेगी खुशखबरी, ये 43 अवैध कालोनियों जल्द होंगी वैध

फरीदाबाद | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे फरीदाबाद के लोगों के लिए एक अच्छी खबर है. फरीदाबाद की अवैध कालोनियों में बसें लोगों को जल्द ही खुशखबरी मिलने जा रही है. बता दें कि एक सर्वे के बाद जिला प्रशासन ने 43 अवैध कालोनियों की लिस्ट सरकार के पास भेज दी है और सरकार की ओर से कभी भी इन अवैध कालोनियों को वैध करने की अधिसूचना जारी हो सकती है.

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ये कालोनियां किसकी जमीन पर बनी है, कितने इलाके में बनी हैं और कितनी जगह खाली पड़ी है, इसके लिए तैयार की गई रिपोर्ट को डिविजनल कमिश्नर ने हरी झंडी दिखा दी है. ऐसे में इन कालोनियों को वैध करने की जैसे ही अधिसूचना जारी होगी तो यहां विकास कार्यों की शुरुआत कर दी जाएगी.

ये अवैध कॉलोनियां झाड़सेतली, गौंछी, बुढ़ैना, बसेलवा, मुजेड़ी, नीमका, मच्छगर, दयालपुर, साहूपुरा, बसेलवा, बडोली, इस्माइलपुर, नंगला गुजरान, नवादा तिगांव, बसेलवा, मुजैडी-नवादा तिगांव, सेहतपुर, अनखीर, भुपानी, एतमादपुर, रिवाजपुर, टिकावली, मवई, नचौली, फरीदपुर, पल्ला-तिलपत और ऊंचा गांव के पास हैं.

हुआ था ड्रोन सर्वे

DTP इंफोर्समेंट ने पिछले साल एक ड्रोन सर्वे कराया था, जिसमें 349 अवैध कॉलोनियां की रिपोर्ट सामने आई थी और इनमें से 209 कालोनियों को वैध करने की सूची सरकार के पास भेजी गई थी. सरकार ने पहले चरण में 20 कालोनियों को वैध करने का निर्णय लिया गया था.

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इसके बाद, स्थानीय प्रशासन को 23 अन्य कॉलोनियों में रेज़िडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) का गठन करने को कहा था ताकि इन्हें भी वैध किया जा सके. प्रशासन ने सभी कॉलोनियों में RWA का गठन कर लिया है.

ये था सर्वे का पैरामीटर

अवैध कालोनियों को वैध करने के लिए सर्वे को चार श्रेणियों में अलग- अलग बांटा गया था, जिसमें 25 प्रतिशत तक बसी हो या 25 से 50 प्रतिशत तक बसी हो, तीसरी श्रेणी में 50 से 75 प्रतिशत तक बसी हो और चौथी श्रेणी में 75 प्रतिशत से ज्यादा एरिया में बसी कॉलोनी को शामिल किया गया है.

इन श्रेणी में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के लिए जमीन, पार्क, रोड़ की चौड़ाई, खाली जगह का सर्वे किया गया है, ताकि भविष्य में विकास कार्य कराने में आसानी हो सकें. जिन 43 कॉलोनियों को वैध करने के लिए सरकार के पास भेजा गया है, उनमें आधे से ज्यादा कॉलोनियां 50 प्रतिशत से ज्यादा बस चुकी हैं.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.