फरीदाबाद | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे फरीदाबाद शहर के लोगों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. इंदौर की घटना से सबक लेते हुए यहां हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) द्वारा शहर के सेक्टरों में पेयजल की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए 28 ट्यूबवेलों पर अत्याधुनिक गैस आधारित ऑटोमेटिक क्लोरिनेशन सिस्टम लगाने की योजना बनाई गई है. इस योजना पर इसी महीने काम शुरू कर दिया जाएगा.

हरियाणावासियों के लिए अच्छी खबर
HSVP द्वारा फरीदाबाद शहर में लगभग 50 सेक्टर विकसित किए गए हैं. इनमें करीब 30 ट्यूबवेलों के माध्यम से जलापूर्ति की जा रही है. अभी तक इन ट्यूबवेलों से निकलने वाले पानी में क्लोरीन का मिश्रण मैनुअल तरीके से यानि हाथों से किया जाता है. इस प्रक्रिया में मानवीय चूक की संभावना बनी रहती है.
कई बार पानी में क्लोरीन की मात्रा या तो बहुत अधिक हो जाती है या फिर निर्धारित मानकों से कम रह जाती है जिससे पानी का स्वाद और गुणवत्ता दोनों प्रभावित होते हैं. नए ऑटोमेटिक सिस्टम के लगने से पानी में क्लोरीन की सटीक मात्रा स्वतः ही घुल जाएगी जिससे शुद्धता का स्तर बना रहेगा.
इन सेक्टरों को मिलेगी प्राथमिकता
HSVP ने बताया कि इस योजना के अन्तर्गत सेक्टर- 56, 56A और सेक्टर-62 को विशेष रूप से प्राथमिकता दी गई है. इन इलाकों के सात प्रमुख ट्यूबवेलों को भी इस प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है. इन सेक्टरों में आबादी के बढ़ते दबाव को देखते हुए पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है. कुल 28 ट्यूबवेलों को इस तकनीक से लैस करने के बाद शहर के एक बड़े हिस्से को शुद्ध पेयजलापूर्ति सुनिश्चित हो जाएगी.
ऑटोमेटिक क्लोरिनेशन सिस्टम न केवल पानी को सुरक्षित बनाएगा बल्कि यह समय की भी बचत करेगा. हमारा लक्ष्य हर घर तक मानकों के अनुरूप शुद्ध पानी पहुंचाना है. इस तकनीक के आने के बाद पानी में बैक्टीरिया पनपने का खतरा शून्य हो जाएगा. जल्द ही, टेंडर प्रक्रिया पूरी कर काम शुरू कर दिया जाएगा- संदीप दहिया, अधीक्षण अभियंता, HSVP