नई दिल्ली | भारत दुनिया के उन देशों में शामिल है जहां हर कुछ किलोमीटर पर संस्कृति, भाषा, खानपान और जीवनशैली बदल जाती है. यहां की ऐतिहासिक विरासत, पारंपरिक परिधान, अलग- अलग तरह के व्यंजन और प्रकृति की खूबसूरती दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करती है. उत्तर में हिमालय की बर्फीली चोटियां हैं… तो दक्षिण में समुद्र… यहां कहीं रेगिस्तान की सुनहरी रेत है… तो कहीं घने जंगल और हरी- भरी वादियां… यहां सालों भर देश ही नहीं बल्कि विदेशी पर्यटकों का आना- जाना लगा रहता है. इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार का भी सृजन होता है. आसपास की विविधता को बढ़ावा मिलती है. इन श्रेत्रों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए केंद्र व राज्य सरकारें मिलकर काम करती है.
यही विविधता भारत को पर्यटन के लिहाज से बेहद खास बनाती है. देश के अलग- अलग हिस्सों में ऐसे कई शहर और राज्य हैं जो अपनी अलग पहचान के लिए जाने जाते हैं. कहीं धार्मिक आस्था लोगों को खींचती है तो कहीं प्राकृतिक सुंदरता सैलानियों का मन मोह लेती है.
भारत का साइलेंट सिटि
भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र को भी इसी वजह से प्रकृति का खजाना कहा जाता है. यहां के पहाड़, झरने, जंगल और शांत वातावरण किसी भी पर्यटक को मंत्रमुग्ध कर देते हैं. इसी पूर्वोत्तर में एक ऐसा शहर भी है जिसे लोग प्यार से ‘साइलेंट सिटी’ कहते हैं. दरअसल, यह शहर मिजोरम की राजधानी आइजोल है जहां सड़कें शांत हैं, लोग अनुशासित हैं और ट्रैफिक व्यवस्था अपने आप में एक अनोखा उदाहरण पेश करती है. पूर्वोत्तर भारत का राज्य मिजोरम प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है. इसकी राजधानी आइजोल समुद्र तल से लगभग 1,132 मीटर की ऊंचाई पर बसी हुई है. चारों तरफ पहाड़ों और हरी-भरी घाटियों से घिरा यह शहर देखने में बेहद मनमोहक लगता है.
आइजोल की खासियत यहां का शांत और व्यवस्थित जीवन भी लोगों को प्रभावित करता है. शहर की सड़कें अक्सर शांत दिखाई देती हैं और यातायात भी बहुत व्यवस्थित तरीके से चलता है.
नियमों का लोग करते हैं पालन
दिलचस्प बात यह है कि यहां बड़े शहरों की तरह ट्रैफिक लाइट्स या लगातार बजते हॉर्न की आवाजें सुनाई नहीं देतीं. फिर भी सड़क पर गाड़ियों की आवाजाही बिना किसी अव्यवस्था के होती रहती है, ऐसे में इस शहर को ‘साइलेंट सिटी’ कहा जाने लगा. भारत के ज्यादातर शहरों में ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए सिग्नल और पुलिस की जरूरत पड़ती है लेकिन आइजोल की व्यवस्था कुछ अलग है. यहां के लोग खुद ही नियमों का पालन करने में विश्वास रखते हैं.
In Aizawl, #Mizoram, even 2-wheelers don’t overtake. They just wait in line. Pls RT @narendramodi @PMOIndia to create awareness. #TrafficJam pic.twitter.com/n3IfZEjRM2
— Mizoram Tourism (@mizoramtourism) August 31, 2017
शहर के कई चौराहों पर ट्रैफिक लाइट नहीं है, फिर भी वाहन चालक अपनी बारी का इंतजार करते हैं. जी हां, यह इपने- आप में चौकाने वाली बात है लेकिन यह शत- प्रतिशत सही है. दरअसल, यहां के लोग सड़क पर अनुशासन बनाए रखते हैं. यातायात के दौरान जल्दबाजी या होड़ की स्थिति कम ही देखने को मिलती है. लोग धैर्य के साथ वाहन चलाते हैं और दूसरे वाहन चालकों के लिए भी जगह छोड़ते हैं. इस अनुशासन की वजह से सड़क पर शोर- शराबा बहुत कम होता है.
जाम लगने पर भी नहीं बजता हॉर्न
आइजोल की सड़कों पर सबसे खास चीज है यहां का शांत माहौल. भारत के कई शहरों में हल्का सा जाम लगते ही हॉर्न की आवाजें गूंजने लगती हैं लेकिन यहां स्थिति बिल्कुल अलग है. अगर किसी वजह से सड़क पर थोड़ी देर के लिए ट्रैफिक रुक भी जाए तो लोग हॉर्न बजाने से बचते हैं. स्थानीय लोगों का मानना है कि बेवजह हॉर्न बजाना असभ्यता का संकेत माना जाता है. ऐसे में यहां के लोग धैर्य के साथ अपनी बारी का इंतजार करते हैं. इस आदत ने शहर के वातावरण को शांत और सुकूनभरा बना दिया है. इससे यह शहर लोगों का पसंदीदा ठिकाना बन रहा है.
तलावमंगैहना परंपरा की झलक
आइजोल के अनुशासित व्यवहार के पीछे मिजो समाज की एक खास परंपरा भी जुड़ी हुई है. इस परंपरा को ‘तलावमंगैहना’ कहा जाता है. इसका अर्थ है कि व्यक्ति को अपने हित से पहले समाज और दूसरों के हित के बारे में सोचना चाहिए. मिजो समुदाय के लोग इसी भावना को अपने दैनिक जीवन में अपनाते हैं. बता दें कि यहां पैदल चलने वालों को काफी सम्मान दिया जाता है. जब भी कोई व्यक्ति सड़क पार करता है तो वाहन चालक अपने आप गाड़ी की गति धीमी कर लेते हैं और उसे पहले जाने देते हैं.
सुकून लोगों को करता है आकर्षित
आइजोल का शांत वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता इसे पर्यटन के लिहाज से भी खास बनाते हैं. यहां आने वाले सैलानी शहर की स्वच्छता, अनुशासन और पहाड़ी नजारों से काफी प्रभावित होते हैं. चारों ओर फैली हरी पहाड़ियां, साफ हवा और शांत सड़कें शहर को एक अलग ही पहचान देती हैं. कई पर्यटक यहां कुछ दिन रुककर प्रकृति के बीच सुकून भरे पल बिताना पसंद करते हैं.
Amazing sunset scene in #Aizawl, #Mizoram. The magic of light captured by @ReviseP pic.twitter.com/id7r1c7D1U
— Mizoram Tourism (@mizoramtourism) August 14, 2018
लैंड ऑफ हाईलैंडर्स
मिजोरम को सिर्फ ‘साइलेंट सिटी’ के लिए ही नहीं बल्कि लैंड ऑफ हाईलैंडर्स के नाम से भी जाना जाता है. दरअसल, यह पूरा इलाका पहाड़ों से घिरा हुआ है जहां ऊंचे- नीचे पहाड़ी रास्ते और खूबसूरत घाटियां देखने को मिलती हैं. समुद्र तल से ऊंचाई पर बसे इस राज्य का मौसम भी काफी सुहावना रहता है. ऐसे में प्रकृति प्रेमियों के लिए यह जगह किसी स्वर्ग से कम नहीं मानी जाती.
अगर आप भी भारत में ऐसी जगह घूमना चाहते हैं जहां शोर- शराबे से दूर शांत वातावरण मिले, तो मिजोरम की राजधानी आइजोल एक बेटर ऑप्शन साबित हो सकती है. यहां की सादगी, अनुशासन और प्रकृति की खूबसूरती हर किसी के दिल में खास जगह बना लेती है.
