गुरुग्राम | हरियाणा में ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने की कवायद तेज हो चुकी है. इसी कड़ी में निर्माण कार्य में रूकावट पैदा कर रहें 220 kV क्षमता वाले 3 हाइटेंशन टावरों को अब दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा. ये सभी टावर मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन के पास फोर्टिस अस्पताल के बाहर हरित क्षेत्र में स्थित है.
30 करोड़ रुपए होंगे खर्च
यहां ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो प्रोजेक्ट का पहला स्टेशन बनना है. योजना के मुताबिक, स्टेशन के साथ लगभग 350 मीटर लंबा रिवर्सल ट्रैक तैयार किया जाना है. यह ट्रैक व्यापार केंद्र रोड की ओर बनाया जायेगा. उसी क्षेत्र में ये 3 हाईटेंशन टावर मौजूद हैं. गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (GMRL) ने टावर शिफ्टिंग का एस्टीमेट तैयार करने के लिए हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम (HVPN) से अनुरोध किया था. HVPN ने करीब 30 करोड़ रुपये की लागत का अनुमान तैयार कर इसे GMRL को भेज दिया है.
इन हाईटेंशन टावरों को शिफ्ट करने का आधा खर्च गुरुग्राम मेट्रो डिवलेपमेंट ऑथोरिटी (GMDA) वहन करेगा. इसी के तहत GMRL ने GMDA से 15 करोड़ रुपए उपलब्ध कराने का आग्रह किया है. एक अधिकारी ने बताया कि लागत राशि स्वीकृत होते ही टावरों की शिफ्टिंग के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.
मुख्यमंत्री ने दी मंजूरी
इसी प्रोजेक्ट के तहत, जेड चौक पर प्रस्तावित अंडरपास निर्माण को सीएम नायब सैनी ने मंजूरी प्रदान कर दी है. GMDA इस अंडरपास का निर्माण इफको चौक से आरडी सिटी कॉलोनी की तरफ करेगा. इस प्रोजेक्ट पर 80 करोड़ रुपए खर्च होंगे. जल्द ही, इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कराई जाएगी. नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पदभार संभालने के बाद सलाहकार एजेंसी की नियुक्ति की जाएगी.
