गुरुग्राम | ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने की कवायद तेज हो गई है. इस मेट्रो रूट के निर्माण में 6 जगहों पर अंडरपास बनाने की योजना बनाई गई है. 23 अप्रैल को सीएम नायब सैनी की अध्यक्षता में गुरुग्राम मेट्रो डिवलेपमेंट ऑथोरिटी (GMDA) की बैठक बुलाई गई है जिसमें इस प्रोजेक्ट को मंजूरी के लिए रखा जाएगा.
550 करोड़ रुपए होंगे खर्च
ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो प्रोजेक्ट के तहत पहले चरण में सेक्टर- 9 तक मेट्रो निर्माण को लेकर टेंडर आमंत्रित किया गया है. इस टेंडर को 22 अप्रैल को खोला जाएगा. बता दें कि गुरुग्राम- मानेसर विकास योजना के तहत हरियाणा सरकार ने ओल्ड गुरुग्राम की सड़कों पर 6 अंडरपास प्रस्तावित किए थे और अब ये अंडरपास ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो रूट के बीच में आ रहे हैं. GMDA ने योजना बनाई है कि मेट्रो निर्माण के साथ- साथ अंडरपास निर्माण कार्य को भी पूरा कर लिया जाए.
गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (GMRL) की ओर से इन अंडरपास का निर्माण किया जाएगा. यदि मेट्रो पिलर और अंडरपास का एक साथ निर्माण किया जाएगा तो खर्च कम आएगा. यदि अलग- अलग निर्माण करते हैं तो खर्चा बढ़ने के साथ- साथ सड़क पर 2 पिलर खड़े होने से और ज्यादा जमीन अधिग्रहण करनी पड़ेगी. एक साथ निर्माण करने से आसपास के इलाके की जनता को ट्रैफिक संबंधी परेशानियों का बार- बार सामना नहीं करना पड़ेगा.
इन जगहों पर बनेंगे अंडरपास
पहला अंडरपास बख्तावर चौक पर बनेगा. दूसरा अंडरपास रेलवे रोड चौक (सेक्टर- 3A, 4 और पांच चौक) पर बनाया जाएगा. तीसरा सेक्टर-3 और 5 की मुख्य सड़क से शुरू होगा. चौथे अंडरपास का निर्माण कृष्णा चौक पर होगा, जबकि पांचवां अंडरपास रेजांगला चौक पर बनाया जाएगा. वहीं, छठे अंडरपास का निर्माण सुशील ऐमा रोड पर उद्योग विहार की तरफ किया जाएगा.
