नूंह | ईद के शुभ अवसर पर मेवातियों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. बता दें कि गुरुग्राम- अलवर (NH- 248A) के निर्माण का रास्ता पूरी तरह से क्लियर हो गया है. प्रशासन की ओर से पुष्टि कर दी गई है कि इसी साल अगस्त महीने में जमीनी स्तर पर इस सड़क को फोरलेन बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा. इस निर्माण कार्य को 1 साल के भीतर पूरा कर लिया जाएगा और 2026 में लोगों को नूंह- नौगावां राजस्थान बॉर्डर तक फोरलेन सड़क की सौगात दे दी जाएगी.
480 करोड़ रूपए मंजूर
नूंह उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के लिए 555 करोड़ रूपए का प्रस्ताव केन्द्रीय सड़क मंत्रालय के पास भेजा गया था, जिसमें से 480 करोड़ रूपए की स्वीकृति मिल चुकी है. उन्होंने बताया कि तकनीकी समस्याओं सहित वन विभाग और अन्य विभागों से संबंधित सभी अड़चनों को दूर कर लिया गया है.
DPR होगी तैयार
डीसी विश्राम कुमार ने बताया कि डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) बनते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी. उसके बाद, निर्माण कार्य को तेज गति से पूरा किया जाएगा. उन्होंने बताया कि यह सड़क नूंह जिले की सबसे प्रमुख और व्यस्तम सड़क हैं, लेकिन सड़क की चौड़ाई कम होने के चलते यहां रोजाना एक्सीडेंट होने का अंदेशा बना रहता है. इस सड़क के चौड़ीकरण को लेकर लोगों ने लंबे समय तक संघर्ष किया है और अब जाकर उनकी मेहनत रंग लाई है.
2 जगहों पर बनेंगे बाईपास
गुरुग्राम- जयपुर नेशनल हाईवे के सोहना मोड़ से सोहना तक एलिवेटिड पुल है. उसके बाद, सोहना से जिला नूंह मुख्यालय तक नेशनल हाईवे करीब 17 किलोमीटर तक फोरलेन है. राजस्थान के अलवर सीमा तक करीब 48 किलोमीटर सिंगल रोड है. सड़क भी बदहाल है और सड़क के साथ काफी गांव होने की वजह से वाहनों का दबाव भी रहता है. जिसके चलत काफी धीमी गति से वाहन चलाने पड़ते हैं.
नूंह से अलवर सीमा तक करीब 48 किलोमीटर तक उपरोक्त हाईवे के साथ दोनों तरफ करीब 50 गांव लगते हैं. कई जगह गांव के बाजार हाईवे के साथ तक बने हुए हैं. इस वजह से यहां काफी भीड़- भाड़ रहती है. वहां 9 फ्लाईओवर (व्हीकल अंडर पास) बनाए जाएंगे. उपरोक्त हाईवे के साथ दो बाइपास बनाए जाने प्रस्तावित हैं. DPR के मुताबिक, एक बाईपास गांव मालब और दूसरा बाईपास गांव भादस के पास बनाया जाएगा.
