गुरुग्राम | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे हरियाणा के गुरुग्राम और फरीदाबाद में रहने वाली कामकाजी महिलाओं के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. सूबे की नायब सैनी सरकार इन शहरों में सखी निवास का निर्माण करने जा रही है, जहां कामकाजी महिलाओं के रहने के लिए बेहतर व्यवस्था की जाएगी.
कामकाजी महिलाओं को मिलेगा लाभ
प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए कहा कि गुरुग्राम के सेक्टर-9 और फरीदाबाद के सेक्टर-78 में सखी निवास योजना के तहत महिला छात्रावास का निर्माण किया जाएगा. इस योजना से काम करने वाली महिलाओं के रहने की समस्या दूर होगी. यहां पर उन्हें सुरक्षित और सुविधाजनक आवास की सुविधा मिलेगी.
उन्होंने बताया कि हरियाणा महिला विकास निगम इस प्रोजेक्ट की कार्ययोजना तैयार कर रहा है. यहां पर रहने वाली कामकाजी महिलाओं को डे- केयर की तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी. कामकाजी महिलाओं को यहां 12 साल तक के लड़के और 18 साल तक की लड़की को साथ रखने की अनुमति मिलेगी.
योजना के लिए शर्तें
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि सभी तरह की कामकाजी महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा. इसमें अविवाहित के साथ विवाहित और तलाकशुदा महिलाएं भी शामिल होंगी. वंचित वर्ग और दिव्यांग महिलाओं को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी. कामकाजी महिलाएं हरियाणा की स्थाई निवासी होनी चाहिए और उसके पास हरियाणा का परिवार पहचान पत्र होना चाहिए.
इस योजना का लाभ उठाने वाली महिलाओं की महानगरों में 50 हजार रूपए मासिक आय और किसी अन्य स्थान पर 35 हजार रूपए मासिक आय से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. जब भी महिला की मासिक आय निर्धारित सीमा से अधिक होगी, तो उसे 3 महीने के भीतर छात्रावास को छोड़ना होगा. छात्रावास में रहने के लिए कामकाजी महिला को आधार कार्ड, पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट और वेतन प्रमाण पत्र आवेदन के साथ लगाना होगा.
केंद्र सरकार वहन करेगी खर्च
उन्होंने बताया कि गुरुग्राम और फरीदाबाद में महिलाओं के लिए यह छात्रावास लगभग एक एकड़ जमीन पर बनाएं जाएंगे, जहां एक साथ 200 महिलाओं के रहने की व्यवस्था होगी. इनके निर्माण कार्य पर करीब 65.30 करोड़ रूपए की धनराशि खर्च होगी, जो केंद्र सरकार द्वारा वहन की जाएगी.
