गुरुग्राम | ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो (Old Gurugram Metro) प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने की तैयारियां शुरू हो चुकी है. इसके लिए जमीन अधिग्रहण की प्रकिया के तहत कई जगहों पर जमीनों पर कब्जा ले लिया गया है, तो कई जगहों पर प्रकिया जारी है. कई जगहों पर अतिक्रमण भी बड़ी समस्या है, लेकिन इसको भी दूर करने की कवायद शुरू हो गई है.
गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (GMRL) ने गांवों में स्टेशन निर्माण के लिए भूमि की आवश्यकता बताई है, इसलिए अधिग्रहण और खरीद-फरोख्त की योजना कमेटी के माध्यम से पूरी की जा रही है. ऐसे कई क्षेत्र चिह्नित किए गए हैं, जहां मौजूदा खाली जमीन के अलावा भी जमीन की जरूरत होगी.
जमीन अधिग्रहण की प्रकिया शुरू
बसई के साथ- साथ सेक्टर- 4 और सेक्टर- 10 में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई है. यहां जमीन अधिग्रहण में कुछ परेशानियां आ रही है, लेकिन जिला प्रशासन द्वारा जमीन से जुड़े विवादों को सुलझाने के लिए कमेटी गठित कर दी है. इसमें कुछ मकानों के साथ- साथ प्राइवेट खाली जमीन भी शामिल है. वहीं, GMRL ने बसई गांव में मेट्रो स्टेशन निर्माण के लिए भूमि की मांग की है.
हजारों पेड़ों को जाएगा काटा
ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो रूट के बीच में अड़चन पैदा कर रहे 1,600 से ज्यादा पेड़ों को काटने की तैयारियां शुरू हो चुकी है. इसके लिए वन विभाग से अनुमति मांगी गई है. सेक्टर- 33 में प्रस्तावित मेट्रो डिपो के निर्माण के लिए 259 पेड़ और सेक्टर- 10 से उद्योग विहार तक 1401 पेड़ काटे जाएंगे. GMRL के एक अधिकारी ने बताया कि जितने पेड़ काटे जाएंगे, उतने ही पेड़ दूसरी जगहों पर लगाएं जाएंगे. वहीं, सेक्टर- 10 में डिपो निर्माण के लिए 27 एकड़ भूमि पर कब्जा करने की तैयारियां तेज हो गई है.
