हिसार | हरियाणा प्रदेश के लिए एक और गौरवमई खबर सामने आई है. यहां हिसार जिले के गांव मलापुर निवासी रोहताश खिलेरी ने एक बार फिर नया इतिहास रच दिया है. इससे पहले वो यूरोप महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रुस (5,642 मीटर ऊंचाई) को गर्मी और सर्दी यानि दोनों सीजनों में फतेह कर चुके हैं.
हिसार के लाल ने किया कमाल
रोहताश खिलेरी ने एक बार फिर यूरोप महाद्वीप की इस सबसे ऊंची चोटी पर 24 घंटे ठहरने का नया वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित कर दिया है. उन्होंने इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड करते हुए कहा कि ऐसा करने वाले वे दुनिया के पहले व्यक्ति बन गए हैं. उन्होंने बताया कि -40 डिग्री सेल्सियस तापमान और 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही तेज हवाओं के बीच उन्होंने इस उपलब्धि को हासिल किया है. खिलेरी ने बताया कि हर रोज 8 घंटे का कड़ा अभ्यास, दो घंटे की स्विमिंग और मेडिटेशन की बदौलत इस मंजिल को हासिल करने में सफलता मिली है.
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रोहताश खिलेरी ने बताया कि वह माउंट एवरेस्ट पर भी इसी तरह 24 घंटे ठहरने का रिकॉर्ड स्थापित करना चाहते हैं, लेकिन ये बहुत ज्यादा चुनौतियों से भरा है. वहां न्यूनतम तापमान -60 -70 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है. उन्होंने बताया कि अभी तक माउंट एवरेस्ट पर 21 घंटे ठहरने का रिकॉर्ड हैं जो नेपाल के बाबुश्री शेरपा ने साल 1999 में बनाया था.
रोहताश खिलेरी की उपलब्धियां
- माउंट एवरेस्ट फतेह 2018
- माउंट किलिमंजारो 2018
- माउंट एलब्रुस 2018
- माउंट एलब्रुस 2020
- माउंट फ्रेंडशिप 2020
- माउंट मून 2020
- माउंट किलिमंजारो पर 23 मार्च 2021 को 24 घंटे रूकने का रिकॉर्ड स्थापित किया.
रोहताश खिलेरी बिश्नोई एलब्रुस को समर और विंटर में फतेह करने वाले पहले भारतीय हैं.
5 साल पहले भी इस चोटी पर 24 घंटे ठहरने का प्रयास किया था लेकिन गाइड की तबीयत खराब होने के चलते उन्हें अपना यह मिशन रोकना पड़ा था. अब जाकर कामयाबी हासिल हुई है, जिसकी उन्हें अपार खुशी है और ये देश के लिए गौरवमई पल भी हैं- रोहताश खिलेरी, पर्वतारोही
