झज्जर | कहते हैं जीवन को पूरी तरह से समझ लेने के बाद लोग आध्यात्म की ओर चले आते हैं. कुछ ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित हो रहे महाकुंभ मेले से सामने आया है. इस मेले में IIT मुंबई से इंजिनियरिंग करने वाले हरियाणा के झज्जर जिले के अभय सिंह ग्रेवाल काफी सुर्खियां बटोर रहें हैं. कनाडा में लाखों रूपए महीना कमाने वाले अभय आध्यात्म के सहारे जीवन यात्रा से जुड़कर संन्यासी बन चुके हैं. वहीं, उनके पिता करण ग्रेवाल चाहते हैं कि अब परिवार किसी भी स्थिति में उसकी इस जिंदगी में कोई रूकावट खड़ी ना करें.
परिजनों से हो रही चर्चा
करण ग्रेवाल ने बताया कि बेटा अभय सिंह ग्रेवाल निःसंदेह बड़ा फैसला ले चुका है. कनाडा में रह रही बेटी समेत परिवार के सभी सदस्यों से इस बात को लेकर चर्चा हो रही है कि उसकी घर वापसी कैसे हो. वहीं, महाकुंभ मेले में जाने को लेकर भी चर्चा की जा रही है. उन्होंने बताया कि करीब एक साल पहले घर से निकले अभय सिंह ने परिवार के सभी सदस्यों के मोबाइल नंबर ब्लॉक किए हुए हैं और WhatsApp पर किए गए मैसेज के जवाब के लिए उन्हें कई दिनों तक इंतजार करना पड़ता है.
2 लाख रूपए का खरीदा था कैमरा
पिता करण ग्रेवाल ने बताया कि बेटा अभय शुरू से ही धुन का पक्का था. वह स्कूल से आते ही विश्राम करता था और फिर देर रात तक पढ़ाई करता था. उसे फोटोग्राफी करना बहुत पसंद था और उसके सोशल मीडिया अकाउंट पर इसकी झलक भी दिखाई देती है. मैंने उसे 2 लाख रूपए की कीमत का कैमरा खरीद कर दिया था. पिछले एक साल में हमने उससे सम्पर्क करने की भरपूर कोशिश की. इसके लिए कुछ निजी लोगों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन उसका कहीं पता नहीं लगा. अब महाकुंभ मेले में दिखाई देने पर राहत पहुंची है कि वह ठीक है.
अब वापसी मुश्किल
इंजीनियरिंग के अपने करियर को पीछे छोड़ आध्यात्मिक यात्राओं पर घूमने के शौकीन वैरागी अभय सिंह ग्रेवाल की माता- पिता घर वापसी चाहते हैं. मां ने कहा कि वह बेटे की घर वापसी चाहती है. वह घर आकर परिवार की देखभाल करें, लेकिन उन्होंने यह भी जवाब दिया कि संन्यासी बनने के बाद यह संभव नहीं.
