झज्जर | हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र से दूसरे दिन झज्जर जिले के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. बता दें कि झज्जर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने सदन में छुछकवास बाईपास के निर्माण के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया. उन्होंने कहा कि झज्जर से छुछकवास सड़क मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही ने इसे हादसों का हॉट स्पॉट बना दिया है. यहां लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं में लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ रहा है.
PWD मंत्री ने दी जानकारी
गीता भुक्कल के सवाल का जवाब देते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री रणबीर गंगवा ने बताया कि छुछकवास बाईपास के निर्माण के लिए करीब 27 एकड़ भूमि की जरूरत है. सरकार ई- भूमि पोर्टल के माध्यम से करीब 21 एकड़ जमीन खरीद चुकी है. शेष जमीन के लिए परियोजना भूमि समेकन (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 2017 के तहत भूमि अधिग्रहण की मंजूरी दी जा चुकी है.
कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने बताया कि भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू हो चुकी हो चुकी है और जमीन मिलते ही बाईपास बनाने का काम चालू किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह बाईपास केवल विकास परियोजना नहीं, बल्कि जन- जीवन की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है. ऐसे में सरकार इस योजना को प्राथमिकता से पूरा करने पर जोर दे रही है.
ग्रीनफील्ड कॉरिडोर को मंजूरी
इस बहस के दौरान पीडब्ल्यूडी मंत्री रणबीर गंगवा ने एक अहम जानकारी साझा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने झज्जर से छुछकवास, चरखी दादरी होते हुए लोहारू तक नए ग्रीनफील्ड कॉरिडोर को मंजूरी प्रदान कर दी है और खास बात यह है कि इस कॉरिडोर में छुछकवास बाईपास को भी शामिल किया गया है. इससे न केवल क्षेत्र को ट्रैफिक जाम से छुटकारा मिलेगा, बल्कि औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा.
झज्जर से मेरठ तक पहले ही फोरलेन सड़क मार्ग बना हुआ है और इसी को आगे बढ़ाते हुए अब लोहारू से आगे पिलानी (राजस्थान) तक कनेक्ट किया जाएगा. कांग्रेस पार्टी पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि झज्जर– छुछकवास ग्रीनफील्ड कॉरिडोर बन रहा है, लेकिन विपक्ष के सदस्यों ने सरकार का धन्यवाद तक नहीं किया. उन्हें सड़कों के सुधारीकरण के लिए सरकार का शुक्रिया अदा करना चाहिए. पिछले 11 सालों में हरियाणा में सड़क नेटवर्क के बुनियादी ढांचे को जबरदस्त मजबूती मिली है, उससे विपक्ष को दिक्कत हो रही है.
