झज्जर | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे बहादुरगढ़ क्षेत्र से औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत श्रमिकों और बीमित कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी एक अच्छी खबर सामने आई है. बता दें कि HSIIDC द्वारा सेक्टर- 4B में कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) द्वारा बनाए जा रहे 100 बेड के आधुनिक ESI अस्पताल का निर्माण कार्य लगभग पूरा होने की कगार पर पहुंच चुका है. इसके निर्माण पर 68 करोड़ रुपए की लागत आई है.
निर्माण एजेंसी के साइट इंजिनियर ने बताया कि अस्पताल के निर्माण कार्य को लगभग पूरा कर लिया गया है, जबकि इलेक्ट्रिक कार्य तेज गति से आगे बढ़ रहा है. उन्होंने दावा करते हुए कहा कि अगले साल फरवरी महीने तक इस अस्पताल को पूरी तरह से तैयार कर विभाग को हैंडओवर कर दिया जाएगा.
बेहतर स्वास्थ्य इलाज की मिलेगी सुविधा
इस अस्पताल के निर्माण के बाद बहादुरगढ़ क्षेत्र के 1 लाख से ज्यादा बीमित श्रमिकों और उनके परिवार को बड़े स्तर पर राहत पहुंचेगी. गंभीर मरीजों को दिल्ली स्थित बसई दारापुर ईएसआई अस्पताल या निजी पैनल अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता है, तो वहीं प्राथमिक स्तर पर शहर में 3 डिस्पेंसरी हैं. वहां केवल सामान्य जांच और हल्की दवाइयों जैसी सुविधाएं ही उपलब्ध है. ऐसे में इस अस्पताल के बनने से श्रमिकों को समय पर बेहतर इलाज की सुविधा मिलेगी.
लंबे समय से थी मांग
बहादुरगढ़ एक प्रमुख औद्योगिक हब हैं. यहां 7 हजार से ज्यादा छोटी- बड़ी फैक्ट्रियों के अलावा देश का पहला फुटवियर पार्क भी है. ऐसे में यहां बीमित श्रमिकों की संख्या का आंकड़ा 1 लाख से भी ज्यादा है. हर महीने इन श्रमिकों के वेतन से ईएसआई फंड में राशि जमा होती है, लेकिन बदले में मिलने वाली सुविधाएं नाममात्र हैं. यही वजह है कि श्रमिकों के साथ- साथ उद्योगपति भी लंबे समय से बहादुरगढ़ में ईएसआई अस्पताल की मांग कर रहे थे, जो अब जाकर पूरी हो रही है. उद्योग जगत अब जल्द ही प्रदेश सरकार से मुलाकात कर मशीन इंस्टॉलेशन और स्टाफ भर्ती प्रक्रिया तेजी से शुरू करने की मांग रखेगा.
आधुनिक सुविधाओं से लैस
100 बेड की क्षमता वाला यह ईएसआई अस्पताल पूरी तरह से आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा. यहां श्रमिकों को ओपीडी, एमरजेंसी, लेबर रूम, ऑपरेशन थियेटर, डायलिसिस यूनिट, एक्स- रे, आईसीयू, टेस्ट लैब और फार्मेसी जैसी सुविधाएं मिलेंगी. इस अस्पताल के शुरू होने के बाद श्रमिकों को तेज और गुणवत्ता से परिपूर्ण बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा, जिससे शहर में स्वास्थ्य सुविधाओं का एक बड़ा फासला खत्म होगा.
