मणिपुर में जींद की रितु समेत 75 छात्राएं हॉस्टल में फंसी, हरियाणा सरकार ने अब उठाया यह कदम

जींद | मणिपुर में हिंसा के बीच हरियाणा के जींद की रितु भी 75 छात्राओं के साथ हॉस्टल में फंसी हुई हैं. इनमें से 11 छात्राएं हरियाणा की हैं. मणिपुर हवाई अड्डा उनके छात्रावास से 14 किलोमीटर दूर है. वहां जाने के लिए कोई सुरक्षा नहीं है. हॉस्टल के बाहर से लगातार आ रही बम और गोलियों की आवाज उन्हें डरा रही है. साथ ही, छात्राओं को 18 घंटे बाद ही भोजन मिल रहा है. पीने के पानी की भी समस्या है. रितु के परिवार वाले भी स्थिति से डरे हुए हैं और अपनी बेटी की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं. छात्राओं ने बताया कि सरकार से कोई मदद नहीं मिली है.

Manohar Lal Khattar CM

एनआईटी मणिपुर में लिया था दाखिला

जींद की रहने वाली रितु ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास्टर डिग्री पूरी करने के बाद पीएचडी के लिए एनआईटी मणिपुर में दाखिला लिया था. एक सप्ताह पहले ही वह यूनिवर्सिटी हॉस्टल गई थी. इसके बाद, वहां हिंसा और आगजनी की घटनाएं शुरू हो गईं. वह हॉस्टल में ही फंसी हुई थी. पहले यहां 100 से ज्यादा छात्राएं थीं लेकिन उन्हें राज्य सरकार ने वहां से निकाल लिया. अब हरियाणा से 11 और उत्तर प्रदेश से 50 से अधिक छात्राएं हैं.

हरियाणा सरकार से कोई नहीं मिली मदद

रितु ने बताया कि छात्रावास में कार्यरत कर्मचारी और अधिकारी यहां से भाग गये हैं. खाने- पीने की समस्या आने लगी है. रितु ने रविवार दोपहर 3 बजे खाना खाया था. उसके बाद, वह अब तक दोबारा खाना नहीं खा पाई है. उन्होंने बताया कि उन्हें अभी तक हरियाणा सरकार से कोई मदद नहीं मिली है.

रितु ने बताया कि हॉस्टल के बाहर बम और गोलियों की आवाज आती रहती थी. वे भयभीत हैं. हर धमाके के बाद उनका दिल कांप उठता है. हर पल वह डर के साये में जीने को विवश हो रही है.।रितु के पिता राजकुमार ने बताया कि उनकी बेटी मणिपुर में पीएचडी करने गई थी लेकिन अब वहीं फंस गई है. राजकुमार ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है ताकि उनकी बेटी को वहां से सुरक्षित निकाला जा सके.

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हरियाणा सरकार ने छात्रों को वापस लाने के प्रयास किए शुरू

हरियाणा सरकार ने मणिपुर में फंसे राज्य के छात्रों को वापस लाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं. राज्य के मुख्य सचिव संजीव कौशल की ओर से मणिपुर प्रशासन से बातचीत की गई है. इसके बाद, पानीपत के 7 छात्रों को आईआईआईटी इम्फाल से सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है. मणिपुर सरकार ने उनकी सुरक्षित वापसी के लिए एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया है. इससे पहले राज्यसभा सांसद और कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा ने ट्वीट कर दंगों में फंसे राज्य के छात्रों की जानकारी दी थी. उन्होंने सरकार से छात्रों की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित करने की मांग की.

सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने सरकार पर साधा निशाना

सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा है कि राज्य के हर व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना हरियाणा सरकार की जिम्मेदारी है. सरकार को मणिपुर में फंसे राज्य के आठ छात्रों की सुरक्षित वापसी के लिए प्रयास शुरू करने चाहिए. वह इस मुद्दे को हर मंच पर उठाने का काम करेंगे.

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Pravesh Chauhan
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मेरा नाम प्रवेश चौहान है. मीडिया लाइन में पिछले 4 वर्ष से काम कर रहा हूँ. मैंने पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की है.