जींद | हरियाणा में आमजन के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. सूबे की नायब सैनी सरकार ने प्रदेश की तहसीलों में जमीन जायदाद के इंतकाल को लेकर एक बड़ा बदलाव शुरू कर दिया है. इसी कड़ी में जींद जिले की बात करें तो यहां सभी 7 तहसील और उप- तहसीलों जींद, नरवाना, उचाना, सफीदों, जुलाना, अलेवा व पिल्लूखेड़ा में ऑटो जनरेटेड इंतकाल का नया सॉफ्टवेयर शुरू हो गया है.

इस नई व्यवस्था के तहत यदि पटवारी, कानूनगो व तहसीलदार समेत कोई राजस्व अधिकारी 10 दिन के भीतर इंतकाल को मंजूर नहीं करता है तो सॉफ्टवेयर के माध्यम से वह मुटेशन ऑटोमैटिक जनरेट हो जाएगा.
आमजन को मिलेगी राहत
पुराने ढर्रे और लेटलतीफी के कारण जींद जिले सहित प्रदेशभर की तहसील और उप- तहसीलों में पिछले काफी समय से हजारों की संख्या में मुटेशन पेंडिंग पड़ी है. अधिकारी और कर्मचारी समय पर फाइलों का निपटारा नहीं करते, जिससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है. वहीं, अब इस नए सॉफ्टवेयर के लागू होने से पेंडिंग पड़े मामलों की समस्या का पूरी तरह समाधान हो जाएगा और भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगी.
दफ्तरों के चक्करों से मिलेगा छुटकारा
जमीन जायदाद की रजिस्ट्री के बाद होने वाली इंतकाल की प्रक्रिया पहले वेब हैलरिस पोर्टल के जरिए की जाती थी लेकिन अब इससे इंतकाल के डेटा को शिफ्ट कर दिया गया है. इसके स्थान पर अब सभी इंतकाल ‘रेवन्यू हरियाणा’ पोर्टल पर ऑनलाइन किए जाएंगे. इसके लिए 10 दिन तक संबंधित राजस्व अधिकारी ने मंजूर नहीं किया तो मुटेशन ऑटो जनरेट हो जाएगा. नया सिस्टम लागू होने से जमीन की खरीद- फरोख्त के बाद इंतकाल के लिए लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे.
पहले मुटेशन के लिए लोगों को पटवारियों द्वारा बार- बार चक्कर कटवाने की शिकायतें आती रहती थी. लोगों द्वारा आरोप लगाते रहे हैं कि इंतकाल के पटवारी रिश्वत की मांग करते हैं और रिश्वत न देने वालों के इंतकाल को लटकाते हैं. अब लोगों को इन तमाम समस्याओं से निजात मिलेगी.