जींद | हरियाणा में पहली AI आधारित आंगनबाड़ी की शुरुआत हो चुकी है. यह आंगनबाड़ी 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से शुरू की जा रही है. इसका शुभारंभ जींद जिले के गांव पिंडारा में हुआ है. राज्य में यह इस तरह का पहला केंद्र है जहां आधुनिक तकनीक की मदद से बच्चों के सीखने से लेकर उनकी सेहत तक पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.
क्षमता बढ़ाने में सहायक
एसीडी विवेक शर्मा ने आंगनबाड़ी का शुभारंभ किया और आंगनबाड़ी वर्करों से बातचीत करते हुए आंगनबाड़ी का निरीक्षण लिया. उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी में वीआर सेट भी उपलब्ध कराए गए है. ये सेट बच्चों के विकास में मदद करेंगे और उनकी सीखने की क्षमता को बढ़ाएंगे. इससे आंगनबाड़ी में बच्चों का विकास प्राइवेट स्कूलों से भी बेहतर होगा, जिससे अभिभावक प्राइवेट स्कूलों के खर्चों से भी बच जाएंगे क्योंकि प्राइवेट स्कूलों की फीस में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. इस डिवाइस के माध्यम से बच्चों को हर भाषा में सिखाया जा सकेगा. इससे खेल- खेल में बच्चों का शारीरिक एवं मानसिक विकास संभव हो सकेगा.
उन्होंने बताया कि AI तकनीक के माध्यम से बच्चों की उपस्थिति, पढ़ाई की प्रगति और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को डिजिटल रूप में रिकॉर्ड किया जाएगा. इससे बच्चों की जरूरतों को समय पर समझा जा सकेगा और आवश्यक कदम उठाए जा सकेंगे. इस अवसर पर जिला परिषद चैयरमैन कुलदीप रंधावा, बीडीपीओ सुरेंद्र खत्री व अन्य मौजूद रहे.
काम होगा आसान
एसीडी ने बताया कि इस नई व्यवस्था से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का काम आसान होगा. बच्चों का रिकार्ड रखना, सामान की जानकारी रखना, रोजाना की रिपोर्ट और बच्चों की पढ़ाई व स्वास्थ्य से जुड़ा डाटा अब डिजिटल तरीके से आसानी से संभाला जा सकेगा. इससे कागजी कार्य कम होगा और कार्यकर्ता बच्चों पर अधिक ध्यान दे सकेंगे और उनकी संभाल अच्छे से रख सकेंगे. AI आधारित यह आंगनबाड़ी तकनीक और सामाजिक कल्याण का अच्छा उदाहरण है. यह फैसला भविष्य में एक अहम मील का पत्थर साबित होगा.
