ज्योतिष | हिंदू धर्म में नवरात्रि को विशेष महत्व प्राप्त है, जल्द ही चैत्र नवरात्रि आने वाली है. नवरात्रि में माता भगवती का घरों में आगमन इस वर्ष डोला अर्थात पालकी पर सवार होकर होगा. आज की इस खबर में हम आपको बताएंगे की नवरात्रि कब से शुरू हो रही है और व्रत पूजा आदि का शुभ मुहूर्त क्या रहने वाला है. नवरात्रि में मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा अर्चना करने का महत्व है.

कब से शुरू हो रही नवरात्रि
19 मार्च दिन गुरुवार से नवरात्रि की शुरुआत हो रही है और 27 मार्च शुक्रवार के दिन इसका समापन होगा. चैत्र महीने में पडने की वजह से ही इस नवरात्रि को चैत्र नवरात्रि कहा जाता है. माता रानी के भक्तों के लिए नवरात्रि किसी बड़े त्यौहार से कम नहीं है. अगर आप पूरी श्रद्धा भाव से माता की पूजा अर्चना करते हैं तो आप सभी इच्छाओं को पूरी कर सकते हैं. 9 दिन भक्त पूरे विधि- विधान तरीके से माता रानी की पूजा अर्चना करती है. कलश स्थापना के शुभ मुहूर्त की बात की जाए तो वह 19 मार्च 2026 दिन गुरुवार को सूर्य उदय से लेकर रात तक रहेगा.
कलश स्थापित करने का शुभ मुहूर्त
आप सुबह 6:48 मिनट से 7:30 मिनट तक कलश स्थापित कर सकते हैं. यह समय सबसे ज्यादा अच्छा रहेगा. क्योंकि अबकी बार नवरात्रि की शुरुआत गुरुवार से हो रही है ऐसे में माता का आगमन डोला अर्थात पालकी की सवारी पर हो होगा. इस वजह से अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्र के लिए तनाव, अशांति, अराजकता, कष्ट भयंकर रोग का लोगों को सामना करना पड़ सकता है.
अबकी बार नवरात्रि का समापन शुक्रवार के दिन होगा जिस वजह से माता रानी गज अर्थात हाथी पर सवार होकर जाएगी. ऐसे में अच्छी बारिश सुख- समृद्धि में वृद्धि की स्थिति उत्पन्न होने वाली है. माता का गमन कष्टो से दूर करने वाला साबित होगा.
इस प्रकार करें माता रानी को प्रसन्न
अगर आप भी माता रानी को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो आप पूरी विधि विधान तरीके से 9 दिन के लिए माता रानी को अपने घर में स्थापित करें और उनकी पूजा अर्चना करें. माता रानी अपने भक्तों को इच्छापूर्ति का आशीर्वाद देती है अर्थात उनके जीवन में सुख समृद्धि बनी रहती है. वैसे तो साल में 4 बार नवरात्रि आती है, परंतु चैत्र और शारदीय नवरात्रि को विशेष महत्व प्राप्त है. माता रानी के भक्तों को इन दिनों नवरात्रि का बेसब्री से इंतजार रहता है. नवरात्रि पर आपको बाजार में भी एक अलग ही रौनक दिखाई देती है.
डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. Haryana E Khabar इनकी पुष्टि नहीं करता है.