ज्योतिष, Vastu Tips | चैत्र नवरात्रि चल रही है इसमें कन्या पूजन का विशेष महत्व बताया गया है. ज्योतिष में भी इससे जुड़े हुए कुछ विशेष नियम बताए गए हैं. माता रानी को प्रसन्न करने के लिए उनके भक्त पूरे 9 दिन व्रत व उपवास रखते हैं और विधि- विधान तरीके से उनकी पूजा अर्चना करते हैं. लास्ट में कन्या पूजन में अनजाने में कुछ ऐसी गलती कर देते हैं जिससे उन्हें पूजा का मन वांछित फल भी नहीं मिल पाता. आज हम आपको पूजा से जुड़े हुए कुछ विशेष नियमों के बारे में ही जानकारी देने वाले हैं.
कन्या पूजन से जुड़े कुछ विशेष नियम
वास्तु शास्त्र में कन्या पूजन से जुड़े हुए कुछ विशेष नियम बताए गए है जिनका पालन करना हमारे लिए काफी फलदायी माना जाता है. चैत्र हो या फिर शारदीय नवरात्रि, दुर्गा अष्टमी या फिर नवमी के दिन पूजा करने का विधान बताया गया है. इस दौरान मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा अर्चना की जाती है और उन्हें भोग लगाया जाता है. वास्तु शास्त्र में बताए गए नियमों में कन्या पूजन के लिए एक दिशा का भी जिक्र किया गया है जिसके बारे में ज्यादा लोगों को जानकारी नहीं है.
इसी दिशा में करें कन्या पूजन
अगर आप भी अबकी बार कन्या पूजन करने जा रहे हैं तो आपको अग्नि कोण में कन्याओं को बिठाना चाहिए. घर के दक्षिण- पूर्वी हिस्से को अग्नि को कहा जाता है. अब आप यह भी सोच रहे होंगे कि आखिरकार इसी दिशा में कन्याओं का पूजन करना खास क्यों होगा. सबसे खास बात यह है कि ईशान कोण घर का उत्तर- पूर्व दिशा मानी जाती है इस दिशा में भगवान का वास होता है. इसी वजह से घर के मंदिर को इसी दिशा में बनवाने की सलाह दी जाती है मां दुर्गा साहस और एनर्जी की सोर्स मानी जाती है, उन्हें अग्नि से भी जोड़कर देखा जाता है.
भूल कर भी इन दिशाओं में ना करें कन्या पूजन
ईशान कोण का संबंध जल तत्व से माना जाता है इसी वजह इस दिशा में कन्या पूजन नहीं करना चाहिए. आपको इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि आपको घर के दक्षिण और पश्चिम दिशा में भूलकर भी कन्या पूजन नहीं करना चाहिए, इन्हें बिल्कुल भी अच्छा नहीं माना जाता. ऐसा करने से आपको पूजा का पूरा लाभ नहीं मिलता. नियमित तरीके से पूजा अर्चना करने के बावजूद आपकी पूजा अधूरी रह जाती है. अगर आप भी अबकी बार कन्या पूजन करने जा रहे है तो इन नियमों का विशेष ध्यान रखें. ऐसा करने से आप पर मां की विशेष कृपा बरसेगी.
डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. Haryana E Khabar इनकी पुष्टि नहीं करता है.
