ज्योतिष | 19 मार्च यानी कि कल से हिंदू नव वर्ष की शुरुआत हो रही है, इसी से चैत्र नवरात्रि की भी शुरुआत हो जाएगी. इस साल की सबसे खास बातें है कि अबकी बार 12 नहीं बल्कि 13 महीने होंगे. ज्योतिष गणना के अनुसार, इस साल को रूद्र संवत्सर कहा जा रहा है. हिंदू कैलेंडर के अनुसार, हर साल को एक विशेष नाम दिया जाता है. आज हम आपको नवरात्रि के बारे में ही विशेष जानकारी देने वाले.
कैसा रहेगा यह साल?
इस साल के संवत को रौद्र संवत कहा जा रहा है जो तकरीबन 54 सालों के बाद बन रहा है. इसका संबंध सीधा- सीधा शिव के रूद्र रूप से जोड़कर देखा जाता है. इसी वजह से इस साल आपको कई बड़े बदलाव, जैसे महंगाई, राजनीतिक उतार- चढ़ाव, प्राकृतिक आपदाएं और समाज में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.
कई बड़े ग्रह करेंगे राशि परिवर्तन
साल 2083 के राजा देवताओं के गुरु बृहस्पति और मंत्री मंगल माने जाएंगे. इस दौरान बृहस्पति जहां सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने के साथ- साथ आध्यात्मिक की ओर लोगों को अग्रसर करने में कामयाब रहेंगे. दूसरी ओर ग्रहों के सेनापति के नाम से जाने जाने वाले मंगल क्रोध- आवेश- ऊर्जा आदि बढ़ते हुए दिखाई देंगे. 19 मार्च से 6 अप्रैल 2027 तक यह संवत रहेगा. इस दौरान शनि मीन राशि में विराजमान होंगे. राहु कुंभ राशि में और 5 दिसंबर को मकर राशि में प्रवेश कर जाएंगे. वहीं, केतु सिंह राशि में विराजमान रहने वाले हैं. बृहस्पति साल के शुरुआत के कुछ समय बाद ही उच्च राशि में प्रवेश कर जाएंगे इसका प्रभाव वैसे तो सभी राशि के जातकों पर दिखाई देगा.
इस साल बढ़ सकती है महंगाई
मंगल की वजह से इस साल आक्रोश और टकराव की स्थिति देखने को मिल सकती है. साथ ही, राजनीति में भी कई बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे. कई प्राकृतिक आपदाएं जैसे सुखा, भूकंप या फिर कम वर्षा जैसी स्थिति भी पैदा हो सकती है. महंगाई बढ़ने के भी चांसेस दिखाई दे रहे हैं, मंगल की वजह से लोगों के स्वभाव में भी काफी बदलाव होने वाला है. छोटी- छोटी बातों को लेकर बड़ा विवाद बढ़ सकता है, धोखेबाजी से लेकर गलत आचरण में लोग फंस सकते हैं. आर्थिक स्थिति के मामलों में भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.
सोने और चांदी की कीमत बनाएगी रिकॉर्ड
साल 2026 में आपको अलग- अलग चरणों में काफी उतार- चढ़ाव देखने को मिलने वाला है. इसी दौरान सोने और चांदी के दामों में भी काफी हलचल देखने को मिल सकती है. कई बड़े रिकॉर्ड बना सकते हैं. इस साल जनता में असंतोष, आक्रोश और आंदोलन जैसी स्थिति भी बन सकती है. राजनीतिक दल अपने- अपने तरीकों से रणनीतियां बनाने की हर संभव कोशिश करते हुए नजर आएंगे. इस साल ग्रहण के अनुसार गुरु को राजा और मंगल को मंत्री माना गया है. ग्रहों की इस विशेष स्थिति की वजह से इस साल आपको कई बड़े बदलाव देखने को मिलने वाले हैं.
डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. Haryana E Khabar इनकी पुष्टि नहीं करता है.
