ज्योतिष | दीपावली को दीपों का पावन पर्व कहा जाता है. कल पूरे देश में दीपावली (Diwali 2024) का पावन पर्व धूमधाम से मनाया गया. इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा अर्चना करने का विधान है. लक्ष्मी- गणेश की नई फोटो या प्रतिमा खरीद कर लोग अपने घर लाते हैं, इसका पूजन करते हैं इसके बाद उन मूर्तियों को उठाकर कहीं भी रख देते हैं, परंतु हमें ऐसा भूलकर भी नहीं करना चाहिए. अब आपके मन में भी यह सवाल उठ रहा होगा कि फिर हम इन मूर्तियों का क्या करें. आज हम आपको इसी के बारे में जानकारी देने वाले हैं.
लक्ष्मी- गणेश की नई मूर्तियां आने के बाद एक चौकी पर कपड़ा बिछाकर उनकी पूजा- अर्चना की जाती है. भाई दूज के बाद मूर्तियों को चौकी से हटाए. इसके बाद, पूजा घर में रखी पुरानी मूर्तियों की और मुंह करके श्रद्धापूर्वक प्रार्थना करें. फिर पुरानी मूर्तियों को रोली अक्षत, पुष्प आदि चढ़कर पूजा आरती करें और इसके बाद नई मूर्तियां को वहां पर रख दीजिए. पुरानी ममूर्ति को पूजा स्थान से हटा दीजिए.
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
किसी धातु की मूर्ति को छोड़कर, यदि लक्ष्मी गणेश की मूर्ति मिट्टी की है तो उसे लाल कपड़े में लपेटकर नदी में विसर्जित करें. यदि आप ऐसा नहीं कर पा रहे हैं, तो आपको किसी भी शुद्ध पात्र में जल भरकर उन मूर्तियों को गला देना है. ऐसा करने से आप पाप के भागीदार नहीं बनेंगे. साथ ही, आपको जीवन में लाभ भी मिलेगा. ऐसे में आप भी लक्ष्मी पूजन के बाद कभी भी मूर्तियों को इधर- उधर ना फेकें, क्योंकि ऐसा करने से आपको धन हानि का सामना करना पड़ सकता है.
डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. Haryana E Khabar इनकी पुष्टि नहीं करता है.
