कैथल | हरियाणा के पशुपालक इनाफ पोर्टल पर 30 जून तक पालतू पशुओं की संख्या का पंजीकरण करवा सकते हैं. इसके बाद पोर्टल को बंद कर दिया जाएगा. 5 जुलाई तक पंजीकरण पशुओं को विभाग टैगिंग कर अभियान पूरा कर लेगा. इस अभियान के तहत पशुपालन विभाग के डॉक्टर घर घर जाकर पशुओं को टैगिंग कर पशु का नंबर दे रहे हैं. उन पशुओं के टैग को पशुपालक के आधार कार्ड से जोड़ा जाएगा.
अब पंजीकरण पशुपालक के मोबाइल पर पशुपालन विभाग 2021 व 2022 वर्ष की योजनाओं व पशुओं के स्वास्थ्य संबंधी सभी जानकारी का मैसेज आ जाएगा. पशु ने गर्भधारण कब किया है, कब गर्भवती पशुओं की जांच होनी चाहिए, कब डिलीवरी होगी. इसके अलावा, एक बार उपचार देने के बाद अगला उपचार किस दिन और तारीख को होगा. यह मैसेज भी पशुपालकों के मोबाइल फोन पर 1 साल तक जाता रहेगा.
यह है इनाफ पोर्टल
इनाफ ( इनफॉरमेशन नेटवर्क फॉर एनिमल प्रोडक्टिव एंड हेल्थ) पोर्टल है. जो पशु प्रजनन, पोषण व स्वास्थ्य संबंधी जानकारी इकट्ठी रखता है. इसके माध्यम से पशुओं को क्या उपचार मिला है और उनके पशुओं की डिलीवरी कब होगी. गर्भधारण से लेकर डिलीवरी और उपचार की रोजाना की जानकारी इस पोर्टल के माध्यम से पशुपालन विभाग अपडेट करता रहता है. विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अब तक 63 लाख के करीब पशु पालकों का पंजीकरण पोर्टल पर हो चुका है. अगस्त के महीने से मुंहखुर गलघोंटू की वैक्सीन लगाने शुरू हो जाएगी.
पंजीकरण के बाद पशुपालकों के मोबाइल पर आएगा मैसेज
इनाफ पोर्टल लांच किया है. इससे पशुपालक व पशु डॉक्टर दोनों को सावधानी होती है. बेवजह गांव-गांव डॉक्टरों को दौड़ना नहीं पड़ेगा. एक बार पोर्टल पर ब्योरा देने के बाद समय-समय पर सुझाव व पशुओं को उपचार देने तथा गर्भधारण की जानकारी पशुपालकों के मोबाइल पर मैसेज भेज कर पहुंचा दी जाती है कि आपके पशुओं की जांच कब होगी, डिलीवरी कब होगी. कौन सी वैक्सीन पशु को कब लग रही है. सभी जानकारी समय-समय पर दे दी जाती है.
