कैथल | हरियाणा के ग्रामीण इलाकों में अक्सर हमनें कबड्डी- कुश्ती, खो- खो, दौड़, क्रिकेट, फुटबॉल, बैलों की दौड़ जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन देखा है लेकिन अब कैथल जिले के एक गांव में ऐसी प्रतियोगिता करवाई गई जो चौतरफा सुर्खियों में छाई हुई है. जो कोई भी इसके बारे में सुन रहा है वो एक पल के लिए हैरान भी हो रहा है. तारीफ किए बिना भी नहीं रह रहा है.
कैथल में हुई उकडू बैठो प्रतियोगिता
कैथल जिले के गांव लांबा खेड़ी में पारंपरिक खेलों से हटकर उकडू बैठो प्रतियोगिता का आयोजन करवाया गया. यह प्रतियोगिता शाम 04.04 मिनट पर शुरू हुई और रात सवा दो बजे तक चली. 10.13 घंटे चली इस स्पर्धा में शुरूआत में गांव के 48 व्यक्तियों ने हिस्सा लिया. आखिरी समय तक सिर्फ 6 व्यक्ति ही इस स्पर्धा का हिस्सा बने रहे थे और बाकी सब उठ चुके थे. इनमें मुख्य रूप से 82 वर्षीय लक्ष्मण सिंह, बलकार, सुभाष, कोका, सुरेंद्र व जगदीश संयुक्त रूप से विजेता रहे.
इस प्रतियोगिता की आयोजन कमेटी ने इन सभी 6 विजेताओं को ईनाम स्वरूप 8700- 8700 रुपए की नकद धनराशि भेंट की. बता दें कि प्रथम पुरस्कार 1,100 रुपए रखा गया था. वहीं, ग्रामीणों ने प्रति विजेता 7600- 7600 रुपए का सहयोग किया. 82 वर्षीय बुजुर्ग लक्ष्मण सिंह के जज्बे को देखते हुए उन्हें सबसे ज्यादा नकद राशि देकर सम्मानित किया गया.
लक्ष्मण सिंह ने कहा कि पहले उकडू बैठना आम बात थी लेकिन अब नई पीढ़ी ने उकडू बैठना छोड़ दिया है. उन्होंने कहा कि उकडू बैठना भी एक तरह से योग ही है. इससे शरीर को फायदा मिलता है. पहले खेत हो या फिर चौपाल में बैठकर ताश खेलना, कई-कई घंटे हम उकडू बैठे रहते थे.
युवाओं का खेलों के प्रति बढ़ेगा रूझान
लांबा खेड़ी गांव के सरपंच सोनू ने बताया कि पारंपरिक खेलों से हटकर कुछ अलग खेल प्रतियोगिता करवाने की योजना बनाई गई थी. इस स्पर्धा का उद्देश्य भारत की प्राचीन योग पद्धति के माध्यम से लोगों खासकर युवा पीढ़ी को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना था. इसके लिए खेल के मैदान में प्रतिभागियों को सफेद पट्टी से बनाए गए घेरों के अंदर उकडू बैठाया गया था. जो सबसे लंबे समय तक उकडू बैठे रहें, वहीं इस स्पर्धा के विजेता बने हैं.
उन्होंने कहा कि आगे भी समय-समय पर इस तरह की अनोखी प्रतियोगिताओं का आयोजन करवाया जाएगा ताकि युवा पीढ़ी को खेलों के प्रति आकर्षित किया जा सकें. आज की युवा पीढ़ी मोबाइल फोन के जंजाल में फंसकर खेलों से दूर होती जा रही है. ऐसे में इस तरह के आयोजन से युवाओं का खेलों के प्रति रूझान बढ़ेगा.
