चंडीगढ़ | हरियाणा की विभिन्न औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत श्रमिकों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. चाहें दुकान हो या फिर व्यवसायिक प्रतिष्ठान, अब ओवरटाइम करवाने पर श्रमिकों को दोगुनी मजदूरी देनी होगी. प्रत्येक कर्मचारी के लिए 6 घंटे के काम के बाद 30 मिनट का विश्राम अनिवार्य किया गया है. एक दिन में श्रमिकों से 12 घंटे काम लिया जा सकेगा. हालांकि, एक सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे काम करवाने की अनुमति दी गई है.
हरियाणा में रात की शिफ्ट में होगा काम
श्रम विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन ने इस संबंध में निर्देश जारी करते हुए कहा है कि महिलाओं को भी रात में काम करने की इजाजत दी गई है. महिलाओं से रात्रिकालीन पाली यानि रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक काम कराने के लिए नियोक्ता को आवेदन करना होगा. सभी निजी प्रतिष्ठानों को अधिसूचना की एक प्रति Entry- Exit गेट पर प्रमुखता से प्रदर्शित करनी होगी ताकि श्रमिक नए नियमों से अवगत हो सकें.
नियोक्ताओं को महिलाओं से रात्रिकालीन पाली में काम कराने के लिए उनकी लिखित सहमति के साथ ही सुरक्षा और परिवहन की व्यवस्था, अलग से शौचालय व विश्राम गृह तथा CCTV कैमरों की व्यवस्था करनी होगी.
उल्लघंन करने पर होगी सख्त कार्रवाई
उन्होंने बताया कि कोई भी औद्योगिक इकाई महिला को मातृत्व अवकाश से वंचित नहीं कर सकेगी. कारखानों और यूनिट्स में यदि महिलाएं रात्रिकालीन शिफ्ट में कार्यरत होंगी तो प्रत्येक शिफ्ट में एक-तिहाई महिला सुपरवाइजर, शिफ्ट इंचार्ज या फोरमैन की उपस्थिति अनिवार्य होगी. प्रधान सचिव राजीव रंजन ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि इन नए श्रम कानूनों का उल्लघंन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.
