करनाल | हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. प्रदेश सरकार (Haryana Govt) ने इन बच्चों को इंटरनेशनल मैथमेटिक्स ओलंपियाड में हिस्सा लेने के लिए मुफ्त कोचिंग के माध्यम से तैयार करने का फैसला लिया है. मैथमेटिक्स ओलंपियाड में सफल होने वाले छात्रों को विश्व के बड़े विश्वविद्यालयों में शिक्षा ग्रहण करने का अवसर मिलेगा.

करनाल से हुई शुरूआत
इसके लिए पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर करनाल जिले को चुना गया है. जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की ओर से संयुक्त रूप से प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों को चयनित किया गया है. इंटरनेशनल मैथमेटिक्स ओलिंपियाड के लिए इन चयनित छात्रों को मुफ्त में कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी.
6 सरकारी स्कूलों में दी जाएगी कोचिंग
पीएम श्री गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, नीलोखेड़ी की प्रिंसिपल ने बताया कि करनाल जिले के 6 ब्लॉक के मुख्य 6 सरकारी स्कूलों में छात्रों के लिए इंटरनेशनल मैथमेटिक्स ओलिंपियाड के लिए कोचिंग देने का प्रावधान रखा गया है. करनाल के एडीसी यश जालुका के प्रयासों से इस पहल की शुरुआत हो पाई है. पायलट प्रोजेक्ट में अब प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर सरकारी स्कूलों के छात्रों को भी ओलंपियाड की तैयारी के लिए फ्री में कोचिंग की व्यवस्था की गई है.
सप्ताह में 2 दिन आयोजित होगी कक्षाएं
इंटरनेशनल मैथमेटिक्स ओलिंपियाड के लिए सप्ताह में दो दिन गुरुवार और शुक्रवार को स्पेशल कक्षाएं आयोजित होगी. इस कक्षा का समय दोपहर साढ़े 12 बजे से शाम 4 बजे तक रहेगा. गणित विषय के शिक्षक विजयंत कुमार ने बताया कि जिन छात्रों की गणित विषय में अधिक रूचि है, उनके लिए जिला शिक्षा विभाग की ओर से एक टेस्ट लिया गया था जिसमें पूरे जिले से करीब 2 हजार छात्रों ने भाग लिया.
इनमें से चयनित 187 छात्रों को सरकारी स्कूलों में मुफ्त में इंटरनेशनल मैथमेटिक्स ओलिंपियाड की तैयारी करवाई जाएगी. इसके साथ ही करनाल देश का पहला ऐसा जिला बन गया है, जहां पर सरकारी स्कूलों में छात्रों को ओलंपियाड की फ्री में कोचिंग दी जा रही है.
बड़े संस्थानों में पढ़ने का मिलेगा मौका
गणित विषय के शिक्षक सुखदेव ने बताया कि जैसे खेलों में ओलंपिक गेम्स होते हैं, उसी प्रकार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सभी विषयों के अलग- अलग ओलंपियाड होते हैं. हमने गणित विषय से पहल की है जिसमें कई चरणों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टेस्ट होते हैं. ओलंपियाड में रैंक लाने वाले छात्रों को इंटरनेशनल लेवल पर अच्छे संस्थानों में शिक्षा ग्रहण करने का अवसर मिलता है.
कोचिंग के शिक्षकों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
इंटरनेशनल मैथमेटिक्स ओलिंपियाड कोचिंग के लिए प्रत्येक चयनित स्कूलों के केंद्र पर 4- 4 शिक्षकों की नियुक्ति की गई है. इनमें 2 शिक्षक एक दिन, तो दूसरे 2 शिक्षक अगले दिन छात्रों को पढ़ाएंगे. जिला प्रशासन और जिला शिक्षा विभाग की ओर से अध्यापकों का जो समूह बनाया गया है, उसमें से 7 शिक्षकों को चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में 4 दिवसीय प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा, ताकि वह वहां से नई तकनीक सीख कर बच्चों को और भी बेहतर तरीके से कोचिंग दें सकें.
बच्चों ने की सराहना
ओलिंपियाड की कोचिंग लेने वाले छात्रों ने स्कूल प्रशासन और जिला प्रशासन के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि अब हमें भी फ्री में ओलंपियाड की तैयारी करके पेपर देने का मौका मिलेगा. पहले यह सुविधा सिर्फ प्राइवेट स्कूलों में होती थी, लेकिन अब सरकारी स्कूलों में भी इसकी पहल की गई है. गरीब घरों के जो बच्चे बाहर कोचिंग नहीं ले सकते थे, उनके लिए सरकार की यह पहल उज्जवल भविष्य को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगी.