हरियाणा में गेहूं के बंपर पैदावार की जगी उम्मीदें, किसानों के लिए सोने पर सुहागा साबित होगी बारिश

करनाल | हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से हुई बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई है. हालांकि, कई जगहों पर आंधी और ओलावृष्टि से गेहूं और सरसों की फसल में नुकसान पहुंचा था. कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि हरियाणा में लगातार बढ़ते तापमान से समय से पहले गर्मी का अहसास होने लगा था जो गेहूं की फसल के लिए ठीक नहीं था लेकिन अब हुई बारिश गेहूं की फसल के लिए सोने पर सुहागा साबित होगी.

Gehu Kisan

गेहूं की फसल के लिए लाभकारी

वैज्ञानिक दृष्टिकोण राष्ट्रीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. रतन तिवारी ने बताया कि हाल ही में हुई बारिश गेहूं की फसल के लिए नुकसानदायक नहीं बल्कि लाभकारी साबित होगी. गेहूं की फसल के लिए यह मौसम न केवल अनुकूल है बल्कि आने वाली पैदावार के लिए भी उम्मीदें मजबूत कर रहा है.

डॉ. रतन तिवारी ने कहा कि गेहूं एक शीतकालीन फसल हैं जिसके लिए ठंडा वातावरण सबसे ज्यादा अनुकूल रहता है. इस समय गेहूं की फसल दाने बनने और उनके भराव की महत्वपूर्ण अवस्था में है. ऐसे में यह मौसम दाने के विकास में मददगार साबित होगा. हल्की से मध्यम बारिश खेतों में आवश्यक नमी बनाए रखती है जिससे दानों का आकार और गुणवत्ता बेहतर होती है. इससे उत्पादन में बढ़ोतरी की प्रबल संभावना बन जाती है.

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बंपर पैदावार की जगी उम्मीदें

उन्होंने बताया हाल ही में हुई बारिश से तापमान में गिरावट आई है, जो गेहूं की फसल के लिए शुभ संकेत है. ज्यादा तापमान से गेहूं की पैदावार प्रभावित होती है. वहीं, यह ठंडा मौसम फसल के संतुलित विकास में सहायक साबित होगा. कुल मिलाकर यह बारिश गेहूं उत्पादक किसानों के लिए उम्मीद की एक नई किरण लेकर आई है. डॉ. तिवारी ने किसानों को सलाह देते हुए कहा कि जिन खेतों में बारिश का पानी खड़ा हो गया है, वह तुरंत जल निकासी की व्यवस्था करें. लंबे समय तक जलभराव से फसल में नुकसान पहुंच सकता है.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.