यह किसान करता है विशेष प्रकार से सब्जियों की खेती, लिम्का बुक में इनके 16 रिकॉर्ड दर्ज

कुरुक्षेत्र | रणधीर सिंह ऐसे किसान है जिनका नाम 16 बार लिम्का बुक रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है.  रणधीर सिंह जैविक तरीके से सब्जियों की खेती करते हैं.  इनके सब्जियों के कई अद्भुत रिकॉर्ड है. उन्होंने बताया कि वे सब्जियों की फसल का उत्पादन करने में रसायनिक खाद्य का प्रयोग नहीं करते हैं.  सब्जियों की फसल की अच्छी वृद्धि के लिए नीम के पत्ते की दवाई का प्रयोग करते हैं.

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जानिए विस्तार से

आपको बता दें कि रणधीर सिंह हरियाणा के कुरुक्षेत्र के किसान है जो जैविक तरीके से सब्जियों का उत्पादन करते हैं.  इनका नाम 16 बार लिम्का बुक अवार्ड में दर्ज किया गया है. इनका करेले का 2 फुट लंबा होने का रिकॉर्ड है, कच्ची शलगम का 5 किलो का रिकॉर्ड है. इनका लौकी का भी रिकॉर्ड है.  रणधीर सिंह ने बताया कि वह बचपन से ही रिकॉर्डर किसान बनना चाहते थे.

जानिए रणधीर सिंह कैसी खाद का प्रयोग करते हैं

रणधीर सिंह अपनी सब्जी की खेती को लेकर काफी चर्चा में बने रहते हैं. उन्होंने बताया कि वह रसायनिक खाद का प्रयोग नहीं करते हैं. रणधीर अपनी प्रत्येक सब्जी की फसल में गोबर से बनी खाद का प्राथमिकता से प्रयोग करते हैं.  साथ ही मुर्गियों के मल से बनी खाद और शुगर मिल से निकले अपशिष्ट की खाद का भी प्रयोग करते हैं. उन्होंने यह भी बताया कि मैं आलू गाजर भिंडी लौकी शलगम इत्यादि सभी फसलों में केवल नीम के पत्तों की दवा का प्रयोग करते हैं. या नीम के पत्तों को जलाकर कीटनाशक के रूप में प्रयोग करते हैं.

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जानिए इनकी फसल सबसे अलग होने का कारण

रणधीर सिंह सब्जियों तथा फलों की फसल में जैविक खाद का प्रयोग करते हैं. जिसके कारण इनकी उगाई गई फसल की ग्रोथ काफी अच्छी होती है. यही कारण है कि उनकी फसल बाकी किसानों से बिल्कुल अलग है. उन्होंने बताया कि वे अपने खेतों में सब्जियों के अलावा मसाला फसलों तथा गन्ने की फसल की खेती करते हैं. इनकी सभी सब्जियां तथा फसलों में रासायनिक खाद तथा कीटनाशक का प्रयोग नहीं होता है. ये अपनी सभी फसलों में केवल जैविक खाद का ही प्रयोग करते हैं. साथ ही इनकी फसलों की गुणवत्ता भी काफी अच्छी होती है.

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