52 शक्तिपीठों में से एक कुरुक्षेत्र का यह ऐतिहासिक मंदिर, युद्ध में जीतने पर पांडवों ने चढ़ाई थी घोड़ों की जोड़ी

कुरुक्षेत्र | हरियाणा के कुरुक्षेत्र में चैत्र नवरात्रि के पहले दिन श्रद्धा और भक्ति का विशेष माहौल देखने को मिला. धर्मनगरी स्थित श्री देवीकूप भद्रकाली मंदिर में सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचने लगे और मंदिर में भक्तों की लंबी- लंबी कतारें लगी रही. इससे पूरे मंदिर परिसर में जय माता दी के जयकारे गूंजते रहे. यहां माता रानी के दर्शन करने दूर- दूर से श्रद्धालु इकट्ठा हुए.

Kurukshetra Temple

52 शक्तिपीठों में से एक

धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में स्थित यह मंदिर 52 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, यहां माता सती का दाहिना टखना गिरा था. बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां आकर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करते है. इस मंदिर का संबंध महाभारत युद्ध से भी जुड़ा हुआ है. मान्यता है कि युद्ध से पहले पांडवों ने इसी जगह पर मां की अराधना की थी और जीत मिलने पर यहां पूजा करने का संकल्प लिया था.

जब पांडवों को जीत मिली, तो उन्होंने यहां आकर पूजा की और घोड़ों की जोड़ी चढ़ाई. तभी से मंदिर में घोड़े चढ़ाने की परंपरा चली हुई है, लोग यहां मिट्टी और चूने से बने घोड़े माता को चढ़ाते है.

भव्य सजावट और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

चैत्र नवरात्रि के अवसर पर श्री देवीकूप भद्रकाली मंदिर को बेहद आकर्षक ढंग से सजाया गया है. मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों की मालाओं और विशेष झांकियों से भव्य रूप दिया गया है जिससे श्रद्धालुओं में उत्साह और भक्ति का माहौल ओर बढ़ गया है. भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की है.

मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात किया गया है. CCTV कैमरों से निगरानी की जा रही है. इसके अलावा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की गई है ताकि सभी श्रद्धालु सुरक्षित और सुव्यवस्थित तरीके से दर्शन कर सके.

Avatar of Anita Poonia
Anita Poonia
View all posts

मेरा नाम अनीता पूनिया है. मैं पिछले 2 साल से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हूँ. वर्तमान मे Haryana E Khabar न्यूज वेबसाइट के लिए कंटेंट राइटर का काम कर रही हूँ.