नई दिल्ली | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सड़क मार्गों को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. सूबे की बीजेपी सरकार ने यहां 400 किलोमीटर से ज्यादा सड़कों को चकाचक करने का टारगेट तय किया है. इसके लिए मार्च 2026 की डेडलाइन निर्धारित की गई है. इन सड़क मार्गों को दुरुस्त करने का काम केंद्रीय सड़क निधि (CRF) और राज्य सरकार दोनों फंडिंग से पूरा किया जाएगा.
केंद्रीय सड़क निधि की सड़क परियोजनाएं
- वजीराबाद ईस्टर्न एप्रोच रोड: 3.56 किलोमीटर
- सड़क नंबर 68, ईस्टर्न दिल्ली: 2.20 किलोमीटर
- ओल्ड जीटी रोड अपग्रेडेशन: 0.799 किलोमीटर
- रोड नंबर 59, लोनी बार्डर: 1.10 किलोमीटर
- नरेला- अलीपुर रोड सुदृढ़ीकरण: 1.80 किलोमीटर
- भजनपुरा- यमुना विहार मुख्य सड़क: 1.25 किलोमीटर
- सीलमपुर- शास्त्री पार्क कॉरिडोर: 1.05 किलोमीटर
- करावल नगर रोड: 2.50 किलोमीटर
भारी वाहनों का रहता है आवागमन
CRF के तहत आने वाली इन सड़क मार्गों पर भारी वाहनों का आवागमन ज्यादा रहता है. ये दिल्ली- एनसीआर की प्रमुख सड़कें हैं. इनमें से कई सड़कों को दुरुस्त किए जाने के टेंडर पहले ही जारी किए जा चुके हैं और इन सड़क मार्गों को अगले साल मार्च तक दुरस्त करने का लक्ष्य रखा गया है.
राज्य फंडिंग सड़क परियोजनाएं
- बिपिन चंद्र पाल मार्ग से सीआर पार्क: 0.37 किलोमीटर
- काली मंदिर रोड, साउथ ईस्ट दिल्ली: 0.38 किलोमीटर
- सूरजकुंड रोड: 0.63 किलोमीटर
- प्रेस एन्क्लेव रोड: 1.14 किलोमीटर
- शेख सराय- पंचशील रोड: 1.22 किलोमीटर
- खेल गांव मार्ग: 1.30 किलोमीटर
- मंदिर मार्ग- करोल बाग: 0.95 किलोमीटर
- न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी लिंक रोड: 1.05 किलोमीटर
- राजोकरी- NH48 सर्विस लेन कॉरिडोर: 2.30 किलोमीटर
समय पर काम होगा पूरा
इन प्रोजेक्ट्स को निर्धारित समयावधि में पूरा कराने के लिए PWD ने कई उपाय अपनाए हैं. इनमें रियल- टाइम फील्ड मॉनिटरिंग टीमों की तैनाती, जोन- वार प्रोग्रेस ट्रैकिंग सिस्टम, अपग्रेडेड पीडब्ल्यूडी स्पेसिफिकेशंस का पालन, एक जैसे गुणवत्ता मानक, सड़क कार्यों के साथ ड्रेनेज और फुटपाथ अपग्रेडेशन और फास्ट टेंडरिंग जैसे उपाय शामिल हैं.
