नई दिल्ली | केंद्रीय कर्मचारियों की निगाहें 8वें वेतन आयोग पर टिकी है. उम्मीद है कि 2027 के हाफ ईयर तक वेतन आयोग अपनी सिफारिशें सरकार को सौंप देगा. इसी बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में एक रैली के दौरान सरकारी कर्मचारियों के लिए 7वें वेतन आयोग को लेकर गारंटी दी है. यह घोषणा राज्य के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत भरी है और इसे वेतन में बढ़ोतरी का संकेत माना जा सकता है.

क्या है गारंटी?
दरअसल, बंगाल के पुरबा मिदनापुर में एक चुनाव रैली के दौरान PM मोदी ने घोषणा की है कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार आते ही राज्य के सरकारी कर्मचारियों के लिए 7वें वेतन आयोग की घोषणा कर दी जाएगी. PM मोदी ने बंगाल की जनता के लिए कुल 6 गारंटी का जिक्र किया, इसमें लास्ट गारंटी 7वें वेतन आयोग को लेकर की गई. उन्होंने कहा है राज्य मे BJP सरकार की सत्ता आने के बाद हम राज्य के कर्मचारियों, शिक्षकों और संबधित क्षेत्रों में काम करने वालों के लिए 7वें वेतन आयोग को लागू करेंगे.
क्या है पूरा मामला?
फिलहाल पश्चिम बंगाल के सरकारी कर्मचारियों को 6वें वेतन आयोग के आधार पर वेतन मिल रहा है. केंद्र सरकार ने पहले ही 7वें वेतन आयोग को 2016 में लागू कर दिया था, लेकिन पश्चिमी बंगाल में अभी तक इसे पूरी तरह लागू नहीं किया गया है, इसी कारण PM मोदी ने इसे अपनी ‘6 गारंटी’ में शामिल किया है.
यदि 7वां वेतन आयोग लागू किया जाता है, तो कर्मचारियों की सैलरी में अच्छी – खासी बढ़ोतरी होने की संभावना है. इसके साथ ही महंगाई भत्ते में सुधार होगा और पेंशनभोगियों को भी इसका सीधा लाभ होगा. इससे राज्य के लाखों कर्मचारियों की सैलरी बढ़ेगी.