नई दिल्ली | रेलयात्रियों के लिए एक जरूरी खबर सामने आई है. बता दें कि रेल मंत्रालय द्वारा नई गाइडलाइंस जारी की गई है जिसके तहत कंफर्म टिकट हासिल कराने पर अब यात्रियों को पहले के मुकाबले अपनी जेब को ज्यादा ढीला करना होगा. टिकटों की कालाबाजारी और आखिरी वक्त पर होने वाली कैंसिलेशन की ‘होल्डिंग’ को रोकने के उद्देश्य से इन नए नियमों को लागू करने का फैसला लिया गया है.
समय के आधार पर तय होगा रिफंड
नए नियमों की सबसे बड़ी खासियत यह रहेगी कि आप ट्रेन छूटने से कितने समय पहले टिकट रद्द करते हैं, उसी के आधार पर रिफंड की राशि तय होगी. जैसे- जैसे ट्रेन के रवाना होने का समय पास आता जाएगा, जुर्माना भी उतना ही ज्यादा लगता जाएगा.
ऐसे लगेगा जुर्माना
- यदि आप यात्रा से 72 घंटे पहले टिकट कैंसिल करते हैं तो आपको अधिकतम रिफंड मिलेगा. इस स्थिति में केवल न्यूनतम निर्धारित फ्लैट कैंसिलेशन चार्ज ही काटा जाएगा.
- यदि ट्रेन छूटने से 72 घंटे से कम और 24 घंटे से पहले टिकट कैंसिल करते हैं तो कुल किराए का 25% हिस्सा काट लिया जाएगा. साथ ही, न्यूनतम शुल्क भी लागू होगा.
- यदि ट्रेन छूटने से 24 घंटे से 8 घंटे के बीच टिकट कैंसिल करते हैं तो सीधा 50% किराया काट लिया जाएगा. पहले यह नियम 12 से 4 घंटे के बीच हुआ करता था.
- यदि ट्रेन छूटने में 8 घंटे से कम का समय बचा है तो टिकट कैंसिल कराने पर जीरो रिफंड मिलेगा. पहले 4 घंटे पहले तक टिकट कैंसिल कराने पर कुछ रिफंड मिल जाता था लेकिन अब यह समय- सीमा बढ़ाकर 8 घंटे कर दी गई है.
चरणबद्ध तरीके से लागू होंगे नए नियम
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि नए नियम 1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 के बीच चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाएंगे. रेलवे की इस सख्ती से उन लोगों को फायदा पहुंचेगा जो वास्तव में यात्रा करना चाहते हैं क्योंकि अब लोग बेवजह टिकट बुक करके आखिरी समय तक होल्ड नहीं करेंगे.
