नई दिल्ली | राजस्थान के सीकर जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध खाटूश्याम मंदिर पर वार्षिक फाल्गुनी मेले का आयोजन होगा. यह मेला 21-28 फरवरी तक आयोजित होगा. यहां विशेष तिलक के बाद मंदिर के कपाट खोल दिए गए हैं, जो अब 24 घंटे खुले रहेंगे. यदि आप भी इस समयावधि में खाटूश्याम बाबा के दर्शन करने जा रहे हैं तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें.
बाबा खाटूश्याम के वार्षिक फाल्गुनी मेले में देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. मेला अवधि में VIP दर्शन पूरी तरह बंद रखने का ऐलान किया गया है. श्रीश्याम मंदिर कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि वीरवार को विधि-विधान से तिलक श्रृंगार संपन्न होने के बाद शाम को श्रद्धालुओं के लिए पट खोल दिए गए हैं. मेले को लेकर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा चुका है.
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
- मेला अवधि 21 से 28 फरवरी यानि कुल 8 दिन की रहेगी.
- रथयात्रा व एकादशी 27 फरवरी की है.
- मेला अवधि में VIP दर्शन पूर्णतः बंद रहेंगे.
- DJ पर रोक रहेगी.
- इत्र की शीशी व कांटेदार गुलाब पर पूर्णत: रोक रहेगी.
- रींगस से आने वाले श्रृद्धालुओ को लगभग 30 किलोमीटर चलना होगा.
- निशान/ ध्वज 8 फीट से बड़े नही होने चाहिए.
- किसी भी वाहन को पार्किंग से खाटू कस्बे में आने की अनुमति नहीं होगी. खाटू कस्बा नो- व्हीकल जोन घोषित किया गया है.
- दर्शन मार्ग तोरण द्वार से डायवर्सन करते हुए ‘चारण मैदान’ – ‘लखदातार मैदान’ – ’40 फीट रास्ते’ से होते हुए मंदिर में 14 लाइनो में प्रवेश रहेगा.
- बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखे.
- किसी भी अनावश्यक गलत जानकारियों पर विश्वास ना करे.
- पार्किंग व्यवस्था QR code के माध्यम से होगी.
- 2 हजार ई-रिक्शा संचालित होंगे जिनका किराया 25 रुपए निर्धारित किया गया है.
सुरक्षा के तगड़े इंतजाम
मेले में भीड़ नियंत्रण हेतु विशाल भक्ति मार्ग और अलग-अलग प्रवेश व निकास द्वार बनाए गए हैं. आपातकालीन स्थिति और सुरक्षा की निगरानी के लिए पूरे मेला क्षेत्र को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है.
