नई दिल्ली | राजधानी दिल्ली की सार्वजनिक बसों में मुफ्त यात्रा करने वाली महिलाओं के लिए बड़ी खबर है. खासकर उन महिलाओं के लिए जो दिल्ली से बाहर की हैं, लेकिन DTC और क्लस्टर बसों का इस्तेमाल करती रही हैं. अब यह सुविधा केवल दिल्ली की स्थानीय महिलाओं तक सीमित होने जा रही है. राज्य सरकार ने एक नई व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है, जिसके तहत “सहेली स्मार्ट कार्ड” नाम का एक पिक पास जारी किया जाएगा. यह कार्ड केवल उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जो दिल्ली की निवासी हैं. इस कार्ड में महिला का नाम, फोटो और अन्य जरूरी जानकारियां दर्ज होंगी.
यह कार्ड नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) के ढांचे के तहत बनाया जाएगा, जिसका उपयोग पहले से ही दिल्ली और नोएडा मेट्रो में हो रहा है.
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
सहेली कार्ड पाने के लिए महिलाओं को कुछ जरूरी दस्तावेज देने होंगे. इनमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, दिल्ली का निवास प्रमाण पत्र, पासपोर्ट और बैंक के केवाईसी डॉक्यूमेंट्स शामिल हैं. दिल्ली सरकार ने महिलाओं से अपील की है कि वे समय रहते आवेदन करें ताकि नई व्यवस्था लागू होने के बाद उन्हें किसी असुविधा का सामना न करना पड़े.
सियासी घमासान शुरू
इस निर्णय को लेकर सियासी बयानबाजी भी शुरू हो चुकी है. आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह फैसला महिलाओं की सुविधा छीनने जैसा है. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को दिल्ली में आए 6 महीने हो चुके हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस काम नहीं किया. उल्टा, केजरीवाल सरकार की जनहितकारी योजनाओं में कटौती की जा रही है.
उन्होंने कहा कि गरीब महिलाएं अगर बसों में मुफ्त यात्रा करती हैं तो उसमें बुराई क्या है? भाजपा की सोच छोटी है और वे सिर्फ पुरानी योजनाओं को खत्म कर नया दिखाने की राजनीति कर रहे हैं.
भाजपा का पलटवार
BJP की ओर से आरोप लगाया गया है कि आम आदमी पार्टी सरकार के समय डीटीसी में बड़े पैमाने पर घोटाले हुए. इन्हीं घोटालों के चलते अब संस्था को घाटा हो रहा है और सरकार को फ्री योजनाओं में कटौती करनी पड़ रही है.
