ट्रेनों में महिला सुरक्षा के लिए रेलवे ने उठाया बड़ा कदम, हाईटेक सुविधा से लैस होंगी ‘मेरी सहेली’ टीमें

नई दिल्ली । रेलवे ने ट्रे्नों में महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया है. रेलवे खासकर अकेली यात्रा करने वाली महिला यात्रियों की सुरक्षा को पुख्‍ता करना चाहता है. अब रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में महिला सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाली रेलवे सुरक्षा बल की ‘मेरी सहेली’ टीमों को अधिक सशक्‍त और हाईटेक सुविधा से लैस किया जाएगा.

TRAIN RAILWAY STATION

रेलवे कंट्रोल रूम से रहेगा संपर्क

बता दें कि अब ‘मेरी सहेली’ टीमों को टैबलेट दिए जाएंगे और इससे वे रेलवे कंट्रोल रूम से आनलाइन संपर्क में रहेंगी और किसी महिला यात्री की किसी भी शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करेंगी. ट्रेनों में अकेले सफर कर रही महिला यात्रियों की पूरी डिटेल टैबलेट में दर्ज करने के बाद कंट्रोल रूम भेजी जाएगी, ताकि सफर के दौरान आगामी रेलवे स्टेशन पर भी महिला की सुरक्षा व परेशानी को लेकर आरपीएफ कर्मचारी लगातार संपर्क में रहें.

मिलेंगे छह टैबलेट

अंबाला मंडल के अधीन आरपीएफ की महिला टीम को छह टैबलेट दिए जाएंगे, प्रत्येक टीम में एक एसआइ व तीन कर्मचारी तैनात किए गए हैं, जो रोजाना अलग-अलग ट्रेनों में सफर कर रही महिला यात्रियों से फीडबैक ले रही हैं.

अक्टूबर 2020 में शुरू हुई मेरी सहेली

ट्रेनों में महिला यात्रियों को सुरक्षा देने के लिए आरपीएफ ने मेरी सहेली योजना की शुरुआत की थी.अक्टूबर 2020 में छावनी रेलवे स्टेशन पर भी योजना की शुरुआत की गई. मौजूदा समय में रोजाना 8 से 10 शिकायतें महिलाओं की तरफ से प्राप्त होती हैं. इसमें गंदगी,धूम्रपान, शोर-शराबे व सीट पर दूसरे व्यक्ति के बैठने की शिकायतें हैं.

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डेढ़ साल में 16 हजार महिलाओं को पहुंचाई राहत

अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन से मौजूदा समय में 150 से अधिक ट्रेनों का संचालन हो रहा है.यात्रियों की संख्या भी 30 से 35 हजार के बीच है.डेढ़ साल में लगभग 16 हजार महिला यात्रियों ने आरपीएफ की मेरी सहेली टीम से संपर्क किया है और टीम ने त्वरित उनकी प्रत्येक समस्या का समाधान किया है.इसमें महिला के साथ सफर कर रहे छोटे बच्चों को दूध, दवाई व अन्य सामान भी टीम द्वारा उपलब्ध करवाया गया है.

ऐसे होता है कार्य

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ट्रेन में सफर करने वाली महिला यात्रियों से सफर के संबंध में पूरी जानकारी, सफर के दौरान अनुभव कैसा रहा, पानी,सफाई या ऐसी कोई और समस्या तो नहीं, कुछ ऐसे ही सवाल आरपीएफ की महिला कर्मचारी महिला रेल यात्रियों से उनकी सहेली बनकर पूछती है.

फिलहाल टैबलेट खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई. मेरी सहेली टीम के लिए छह टैबलेट खरीदे जाएंगे.अब ट्रेनों में सफर करने वाली अकेली व परेशान महिला के संबंध में जानकारी कंट्रोल रूम तक भेजी जाएगी.

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Pravesh Chauhan
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मेरा नाम प्रवेश चौहान है. मीडिया लाइन में पिछले 4 वर्ष से काम कर रहा हूँ. मैंने पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की है.