क्रिप्टो करेंसी में जोखिम, भारतीय डिजिटल करेंसी में निवेश होगी फायदे का सौदा

नई दिल्ली | 1 फरवरी को आए बजट के अनुसार क्रिप्टो करेंसी पर उपभोक्ताओं को 30% तक का टैक्स भरना पड़ेगा. इससे यह बात तो साफ हो गई है बंद नहीं हो रहा है. पिछले दिनों इसे बंद करने की बात चल रही थी जिसके बाद क्रिप्टो में 55% की गिरावट आ गई थी. मगर अब क्रिप्टो के बैन होने की बात को लेकर फिक्र करने की ज्यादा जरूरत नहीं है. हालांकि इसके ट्रांसफर पर 1% की टीडीएस भी लगाई गई है. क्रिप्टो करेंसी पर 30% टैक्स और 1% टीडीएस वाले बजट प्रस्ताव से भारत सरकार को भी फायदा होगा साथ ही इस पर इन्वेस्टमेंट कर रहे इन्वेस्टर्स का भी डर खत्म होगा. इसके आलावा भारत सरकार इस पर नजर भी रख सकती है.

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आने वाले दिनों में भारत का केंद्रीय बैंक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया भी इसी तर्ज पर अपनी डिजिटल करेंसी लॉन्च करने वाला है. इस पर टैक्स क्रिप्टो करेंसी के मुकाबले काफी कम होगा जिससे यह उम्मीद है कि लोग इसमें ज्यादा रुचि दिखाएंगे. इससे लोगों के साथ साथ देश का भी फायदा होगा. भारतीय डिजिटल करेंसी में इन्वेस्ट करना आने वाले दिनों में संभवतः फायदे का सौदा होगा.

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क्रिप्टो करेंसी रुपए और डॉलर की तरह की एक करेंसी है जिससे वित्तीय लेन देन की जाती है. इसमें फर्क बस इतना है की इसे देखा छुआ नहीं जा सकता यह एक डिजिटल करेंसी है तथा इससे जुड़े सारे कारोबार केवल ऑनलाइन माध्यम से ही हो सकते हैं. इसका पूरा संचालन एक नेटवर्क के द्वारा होता है जिसके कारण इसे अनियमित बाजार किस श्रेणी में रखा गया है. इसकी अनियमितता और जोखिम के बावजूद भी इसकी लोकप्रियता और लोगों का इसमें रुझान तेजी से बढ़ रहा है.

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