नई दिल्ली | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से हरियाणा के बीच सड़क कनेक्टिविटी बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर नए प्रयास किए जा रहे हैं. इसी कड़ी में नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा मुनक नहर के साथ- साथ 16 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रोड बनाने की योजना बनाई गई है. अच्छी बात यह है कि केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने इस योजना को अपनी सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान कर दी है. अब दूसरे विभाग की सड़क को लेने से पहले औपचारिक प्रकिया पर काम शुरू हो चुका है.

इन इलाकों को मिलेगा फायदा
दिल्ली सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत यह एलिवेटेड रोड दिल्ली में इंद्रलोक मेट्रो स्टेशन से शुरू होकर शालीमार बाग, डीटीयू, बवाना और बादली इंडस्ट्रियल एरिया जैसे क्षेत्रों से नहर किनारे होते हुए अर्बन एक्सटेंशन रोड- 2 (UER- 2) को आउटर रिंग रोड नेटवर्क से जोड़ेगा, जिससे शहर के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों तक पहुंच आसान हो जाएगी.
16 किलोमीटर लंबे इस एलिवेटेड रोड के निर्माण पर 4,600 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान जताया गया है. PWD द्वारा इसका निर्माण किया जाएगा. इस एलिवेटेड कॉरिडोर की बदौलत लोगों को सिग्नल फ्री सफर का अनुभव मिलेगा. इंद्रलोक के रास्ते बवाना तक के सफर में लगने वाले समय में कमी आएगी. इसके अलावा, UER- 2 से सीधी कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा. इस एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण से मुकरबा चौक सहित कई अन्य बिजी चौक- चौराहों से ट्रैफिक दबाव कम करने में मदद मिलेगी.
दिल्ली सरकार देगी फंड
इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए विशेषज्ञता की जरूरत को देखते हुए दिल्ली सरकार की ओर से केन्द्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय को NHAI से इस परियोजना पर काम कराने का प्रस्ताव भेजा गया था. चूंकि दिल्ली और केंद्र में बीजेपी की सरकार हैं ऐसे में दिल्ली सरकार के प्रस्ताव पर केंद्रीय मंत्रालय ने इस एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण के लिए सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान की है. यह भी तय हो चुका है कि दिल्ली सरकार द्वारा इस परियोजना के लिए NHAI को फंड मुहैया कराया जाएगा लेकिन तकनीकी आंकलन की प्रक्रिया होना अभी बाकी है.
उम्मीद जताई जा रही है कि केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय की ओर से औपचारिक मंजूरी भी मिल जाएगी. हरियाणा के सिंचाई विभाग के अधीन नहर के हिस्से पर इस एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण होना है, ऐसे में उनकी ओर से NOC मिलने का इंतजार हो रहा है.