नई दिल्ली | राजधानी दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा शुक्रवार को दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया. इस दौरान केंद्रीय मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा भी मौजूद रहे. इस बैठक में जल आपूर्ति, सिवरेज प्रणाली और यमुना नदी की सफाई को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए गए. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से बताया कि राजधानी के हर नागरिक को स्वच्छ और पर्याप्त जल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है.
2027 तक होगा काम पूरा
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि दिसंबर 2027 तक दिल्ली की सभी अनधिकृत कॉलोनियों में सीवर लाइन बिछा दी जाएगी. सरकार यमुना नदी की सफाई और उसके पुनर्जीवन के लिए 45 पॉइंट एक्शन प्लान तैयार कर रही है. इस योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा. उन्होंने कहा कि दिल्ली तभी आधुनिक, स्वच्छ और विकसित बन सकेगी जब हर नागरिक को शुद्ध पेयजल और प्रभावी सिवरेज सुविधा उपलब्ध होगी.
प्रमुखता से होंगे काम
यमुना की सफाई के लिए सरकार द्वारा नालों के ट्रीटमेंट, सीवरेज नेटवर्क के विस्तार और आधुनिक ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना जैसे कार्य किए जा रहे हैं. सरकार का उद्देश्य यमुना को प्रदूषण मुक्त बनाकर उसकी प्रणाली को पूरी तरह पुनर्जीवित करना है. इस प्रयास से जनता को एक स्वच्छ, सुंदर और जीवंत नदी प्राप्त होगी, जो दिल्ली के पर्यावरण को भी सकारात्मक दिशा में ले जाएगी.
सरकार यमुना नदी में उपचारित जल का प्रवाह, नाला प्रबंधन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सीवेज प्रबंधन, वर्षा जल प्रबंधन, निगरानी व्यवस्था, नदी तट संरक्षण, जनसंपर्क अभियान और डेयरी अपशिष्ट प्रबंधन जैसे मुद्दों पर प्रमुखता से काम करेगी.
