नई दिल्ली | बुधवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई गई थी जिसमें कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई गई है. इस बैठक में रेल प्रोजेक्ट्स और बाईपास निर्माण से जुड़ी परियोजनाओं को हरी झंडी दिखाई गई है. हरियाणा और पंजाब के लिए इस बैठक से एक अच्छी खबर सामने आई है.
जीरकपुर बाईपास निर्माण को मंजूरी
कैबिनेट मीटिंग में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि हाइब्रिड एन्युटी मोड पर 19.2 किलोमीटर लंबे सिक्स लेन एक्सेस कंट्रोल्ड जीरकपुर बाईपास के निर्माण को केंद्र सरकार ने अपनी मंजूरी प्रदान की है. इस प्रोजेक्ट पर 1878.31 करोड़ रूपए की लागत राशि खर्च होगी.
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य पटियाला, दिल्ली, मोहाली एरोसिटी से ट्रैफिक को डायवर्ट करके और हिमाचल प्रदेश को सीधा संपर्क देकर जीरकपुर, पंचकूला और आसपास के क्षेत्रों में भीड़भाड़ को कम करना है. इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर पहाड़ों में घूमने के शौकीन लोगों को चंडीगढ़ व पंचकूला शहर में प्रवेश करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और वे सीधे बाईपास होते हुए आगे बढ़ सकेंगे.
यात्रा करना होगा सुगम
उन्होंने बताया कि वर्तमान प्रस्ताव का उद्देश्य यात्रा के समय को कम करना और NH-7, NH-5 और NH-152 के भीड़भाड़ वाले शहरी खंड में परेशानी मुक्त यातायात सुनिश्चित करना है. इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर हरियाणा और पंजाब दोनों राज्यों के बीच आवागमन करना सुगम हो जाएगा. लोगों को शहर की भीड़-भाड़ से दूर बाईपास होते हुए अपने गंतव्य स्थान तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी.
