पानीपत: 5 साल की उम्र में छोटा भीम कार्टून देख हुआ प्रभावित, आज बॉक्सिंग चैंपियन बनने की राह पर पहुंचा

पानीपत | हरियाणा के जिला पानीपत के परमीत का जिला स्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने के बाद चयन राज्य स्तरीय चैंपियनशिप में हुआ है. खास बात सह है कि परमीत के बॉक्सिंग खेलने के पीछे एक बेहद दिलचस्प कहानी है. परमीत जब छोटे थे तो उन्हें अन्य बच्चों की तरह कार्टून देखने का शौक था. जब वह 5 साल के थे, तब उन्होंने टेलीविजन पर छोटा भीम कार्टून देखा और अपने जैसे मजबूत व्यक्ति को देखने की इच्छा व्यक्त की. उस शो में परमीत ने छोटे भीम को बॉक्सिंग ग्लव्स पहनकर रिंग में लड़ते हुए देखा था.

Panipat Chhota Bheem

तभी से परमीत ने अपने पिता से कहा कि वह छोटा भीम जैसा बनना चाहता है. उन्हें भी ऐसे ही बॉक्सिंग ग्लव्स चाहिए. परमीत की छोटा भीम जैसा बनने की चाहत को जानकर उनके पिता ने परमीत का दाखिला पानीपत की बॉक्सिंग अकादमी में करवा दिया. परमीत के पिता ने बताया कि जब वह 5 साल का था तो छोटा भीम कार्टून देखकर स्वस्थ होने के साथ-साथ खुद से लड़ने लगा था. उन्होंने भीम की तरह एक मजबूत मुक्केबाज बनने की इच्छा व्यक्त की.

देश को गौरवान्वित करने का है सपना

पानीपत के छोटे से गांव थीराना निवासी खिलाड़ी परमीत ने बताया कि उन्हें बचपन से ही बॉक्सिंग देखना और खेलना बहुत पसंद था और जब उनका पसंदीदा कार्टून छोटा भीम आता था तो वह भी उसके जैसा बनना चाहते थे. बस उनकी इस इच्छा को पूरा करने के लिए उनके पिता ने भी सहयोग किया. उनका सपना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए गोल्ड मेडल लाना और देश का नाम रोशन करना है.

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8 साल तक की कड़ी मेहनत

परमीत ने पहली बार स्कूल और ओपन चैंपियनशिप में दो गोल्ड मेडल जीते, अब वह राज्य स्तरीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा दिखाएंगे. 8 साल की कड़ी मेहनत के बाद जब परमीत रिंग में उतरे और सामने वाले बॉक्सर पर बिजली की तेजी से हमला किया तो उन्होंने गोल्ड मेडल जीत लिया. ओपन चैंपियनशिप में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद परमीत का चयन स्टेट चैंपियनशिप के लिए हुआ है.

बॉक्सिंग कोच सुनील ने कही ये बात

परमीत के बॉक्सिंग कोच सुनील बताते हैं कि यह बच्चा 5 साल की उम्र में उनके पास आया था और बॉक्सिंग सीखने में उसकी लगन और प्रैक्टिस देखकर उन्हें एहसास हुआ कि यह खिलाड़ी कुछ बड़ा कर सकता है. कुछ लोग कहते हैं कि आज के 13 साल के खिलाड़ियों में परमीत के पास सबसे तेज़ और शक्तिशाली पंच है.

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Pravesh Chauhan
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मेरा नाम प्रवेश चौहान है. मीडिया लाइन में पिछले 4 वर्ष से काम कर रहा हूँ. मैंने पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की है.