पानीपत के जसवंत ने आंध्र प्रदेश आयोग की छोड़ी नौकरी, HPSC की तैयारी में जुटकर ऐसे पाई दूसरी रैंक

पानीपत | हरियाणा सिविल सर्विस परीक्षा (HPSC) का रिजल्ट आ चुका है. जिला पानीपत के गांव सींक निवासी जसवंत मलिक ने इस परीक्षा में प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है जबकि अपने पहले प्रयास में इंटरव्यू के दौरान गणित के सवालों में उलझने के कारण वह कुछ ही अंकों से चूक गए थे. फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी और कड़ी मेहनत से तैयारी शुरू कर दी और इस बार सफलता हासिल कर ली. बेटे की उक्त उपलब्धि पर परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं है.

Jaswant Malik

परीक्षा की तैयारी के लिए परिवार से बनाई दूरी

जसवन्त मलिक (Jaswant Malik) को बचपन से ही एक अधिकारी बनने की इच्छा थी. ऐसे में 5 साल पहले स्कूली शिक्षा के बाद तैयारी शुरू की. इतना ही नहीं, रिश्तेदारों और दोस्तों से भी दूरी बनाए रखी ताकि तैयारी में कोई परेशानी न हो. काफी महीनों बाद वह परिवार से मिलने घर आता था. जसवन्त ने यूपीएससी की मुख्य परीक्षा भी दी है. 23 अक्टूबर को फॉरेस्ट ऑफिसर की परीक्षा भी है.

आंध्र प्रदेश आयोग में मिली थी नौकरी

पब्लिक पॉलिसी पाठ्यक्रम में जसवंत को स्वर्ण पदक प्राप्त हुआ है. उन्हें आंध्र प्रदेश आयोग में नौकरी मिल गई लेकिन कुछ महीनों के बाद नौकरी छोड़ दी और एचसीएस बनने की तैयारी शुरू कर दी. पिता ने बताया कि जसवंत यूपीएससी की तैयारी भी कर रहा है. आईएफएस बनना भी पसंद है. अब एचसीएस बनने के बाद कड़ी मेहनत के दम पर अगला पड़ाव भी पार हो जाएगा.

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पिता हैं सरकारी स्कूल में लेक्चरार

पिता सुरजीत मलिक एक सरकारी स्कूल में लेक्चरार के पद पर कार्यरत हैं. मां कृष्णा मलिक गृहिणी हैं. पिता ने बताया कि उनके दो बेटे और एक बेटी है. जसवंत सबसे छोटा है. उसने 10वीं और 12वीं की पढ़ाई जिले के स्कूलों से ही की थी. इसके बाद, दिल्ली यूनिवर्सिटी के किरोड़ीमल कॉलेज से बीएससी गणित की. फिलहाल, परिवार में इस वक्त खुशी का माहौल है. पिता का कहना है कि अभी जसवंत घर पर नहीं आया है. जल्द ही, वह घर पर लौटेगा.

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Pravesh Chauhan
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मेरा नाम प्रवेश चौहान है. मीडिया लाइन में पिछले 4 वर्ष से काम कर रहा हूँ. मैंने पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की है.