चंडीगढ़ | 2024 के लोकसभा चुनाव के दिन करीब आते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष अपनी तैयारियां तेज कर रहा है. इसे देखते हुए हरियाणा कांग्रेस से 362 उम्मीदवारों ने लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए आवेदन किया है. प्रत्येक सीट के लिए करीब 37 आवेदन आए हैं जबकि सीटों की संख्या सिर्फ 10 है. गणितीय फॉर्मूले के हिसाब से बात करें तो हर सीट के लिए करीब 37 आवेदन आए हैं.
भविष्य में कांग्रेस के लिए सबसे बड़ी चुनौती हर सीट पर सही उम्मीदवार का चयन करना होगा ताकि बीजेपी या विपक्षी उम्मीदवार के सामने अच्छी लड़ाई हो सके.
कई दिग्गजों के नाम शामिल
इन आवेदनों में कांग्रेस के कई दिग्गजों के नाम तक शामिल नहीं हैं. हरियाणा की राजनीति में कांग्रेस के खेमे में शाहरुख के नाम से मशहूर वरिष्ठ कांग्रेस नेता कुमारी शैलजा, रणदीप सिंह सुरजेवाला, किरण चौधरी शामिल हैं. आगामी लोकसभा चुनाव से खुद को अलग कर लिया है. इतना ही नहीं, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने भी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने की इच्छा जताई है. इस बार कांग्रेस के ये दिग्गज चुनाव से दूर हैं. आइए चर्चा करते हैं कि इसके पीछे क्या कारण हो सकते हैं.
शैलजा ने की थी अंबाला और हिसार से दावेदारी
कांग्रेस में शाहरुख खान गुट की पहली वरिष्ठ नेता पूर्व केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं पर्यटन मंत्री कुमारी शैलजा गृह मंत्री अनिल विज के शहर अंबाला और हिसार में पार्टी को दोबारा खड़ा करने में अहम योगदान दिया. यह भी माना जा रहा था कि वह इन दोनों सीटों में से किसी एक सीट से अपना दावा ठोक सकती हैं पर ऐसा नहीं हुआ. इसका मुख्य कारण कांग्रेस पार्टी द्वारा आयोजित कई सार्वजनिक बैठकों में उनका यह बयान था कि वह विधानसभा चुनाव लड़ना चाहती हैं, जिसके लिए कुमारी शैलजा ने भी अपनी इच्छा जाहिर की.
किरण चौधरी के बारे में भी जानिए
इस ग्रुप की नेता और तोशाम से विधायक किरण चौधरी हैं, जिनका संबंध हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री बंशीलाल के परिवार से भी है. पिछले कुछ दिनों तक उनके भी लोकसभा चुनाव लड़ने की चर्चा थी लेकिन अब तक उन्होंने पार्टी में किये गये आवेदनों में कोई दिलचस्पी नहीं दिखायी है. ऐसे में कहा जा सकता है कि वह विधानसभा चुनाव भी लड़ेंगी. ये तो आने वाला समय ही बताएगा.
रणदीप सिंह सुरजेवाला पर आगे
एसआरके गुट के दूसरे बड़े नेता पूर्व विधायक और राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला फिलहाल मध्य प्रदेश के साथ- साथ कर्नाटक में भी पार्टी प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. कांग्रेस चाहती थी कि वे इस बार कुरूक्षेत्र लोकसभा सीट से चुनाव लड़ें लेकिन अभी तक उन्होंने इसके लिए कोई आवेदन नहीं किया है. ऐसे में राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि शाहरुख गुट में रहते हुए वह लोकसभा के बजाय विधानसभा चुनाव में अपनी दावेदारी ठोक सकते हैं.
कांग्रेस के दिग्गज नेता इस वजह से नहीं लड़ रहे चुनाव
सबसे पहले अगर हरियाणा में कांग्रेस के बड़े चेहरों की बात करें तो पूर्व सीएम भूपेन्द्र सिंह हुड्डा का नाम आता है. उनके लोकसभा चुनाव न लड़ने की सबसे बड़ी वजह इस साल हरियाणा में होने वाले विधानसभा चुनाव हैं. हुड्डा पहले ही मीडिया में कह चुके हैं कि यह उनका आखिरी विधानसभा चुनाव होगा. इसलिए हो सकता है कि उन्होंने लोकसभा चुनाव के लिए अपना आवेदन नहीं किया हो. हालांकि, इससे पहले 2019 में उन्होंने सोनीपत से लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा था.
