चुकंदर की खेती से मालामाल हो रहे रोहतक के किसान, जानें लागत और प्रोफिट का पूरा गणित

रोहतक | हरियाणा सरकार की प्रोत्साहन नीति की बदौलत आज सूबे के किसान परम्परागत खेती का मोह त्याग कर बागवानी और ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा दे रहे हैं. इसी कड़ी में रोहतक जिले में कई किसान पारंपरिक खेती छोड़कर अब आधुनिक खेती की ओर बढ़ रहे हैं.

Chukandar

यहां चुकंदर की खेती किसानों के लिए कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाली फसल साबित हो रही है. किसान प्रति एकड़ डेढ़ लाख रुपए से ज़्यादा की कमाई कर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बना रहे हैं.

लागत और प्रोफिट का गणित

चुकंदर की खेती करने वाले किसानों ने बताया कि प्रति एकड़ लगभग 20 हजार रुपए तक लागत राशि खर्च होती है. प्रति एकड़ उत्पादन करीब 250 क्विंटल तक रहता है जिससे कुल आमदनी 1 लाख से 1.60 लाख तक पहुंच जाती है.

मांढी जाटान गांव के किसान जसबीर ग्रेवाल ने बताया कि पहले वे धान और गेहूं की खेती करते थे लेकिन उसमें सीमित आय होती थी. इंटरनेट पर चुकंदर की खेती की जानकारी देखकर उन्होंने यह खेती शुरू की. पहले एक एकड़ में 20 हजार रुपए की लागत से खेती की. फसल 70- 80 दिन में तैयार हो जाती है. मंडी में बेचने पर अच्छी कमाई मिल रही है. अब वे साल में 2 बार चुकंदर की खेती कर रहे हैं.

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बीमारी कम आने का अंदेशा

उन्होंने बताया कि पिछले कई सालों से इस फसल में बीमारी आने की संभावना कम ही देखी गई है. मध्यम तापमान में भी यह फसल अच्छी बढ़ती है. वहीं, इसमें फफूंद रोग का खतरा कम रहता है. बीमारियों से बचाव हेतु समय- समय पर दवा छिड़काव करते रहते हैं. जसबीर ने बताया कि अगर किसान भाई पारंपरिक फसलों से कम आमदनी पा रहे हैं तो चुकंदर जैसी नकदी फसल अपनाकर आय बढ़ा सकते हैं. सही जानकारी, सही बीज और सही प्रबंधन से बढ़िया मुनाफा कमाया जा सकता है.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.