हरियाणा में डूबने की कगार पर JJP का जहाज़, सोनीपत से 2 बड़े नेताओं ने छोड़ी पार्टी

सोनीपत | इसी साल मार्च महीने में भारतीय जनता पार्टी (BJP) से गठबंधन टूटने के बाद दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी (JJP) में मची भगदड़ थमने का नाम ही नहीं ले रही थी. प्रदेश अध्यक्ष निशान सिंह से लेकर कई अन्य वरिष्ठ नेता लोकसभा चुनावों से ठीक पहले पार्टी का दामन छोड़कर दूसरे दलों में शामिल हो चुके हैं और अब पार्टी को 2 और कद्दावर नेताओं ने अलविदा कह दिया है. इस दोनों नेताओं के पार्टी छोड़ने से सोनीपत जिले में JJP पूरी तरह से खाली हो गई है. ये समझे कि पार्टी का जहाज़ डूबने की कगार पर पहुंच चुका है तो गलत नहीं होगा.

JJP

सोनीपत जिले में JJP को बड़े झटके

साल 2019 में बरोदा विधानसभा और अब सोनीपत लोकसभा सीट से JJP की टिकट पर चुनाव लड़ने वाले भुपेंद्र मलिक ने पार्टी को अलविदा कह दिया है. उन्होंने अपना त्यागपत्र जजपा सुप्रीमो अजय चौटाला को भेज दिया है. उन्होंने बताया कि लोकसभा चुनाव के दौरान भितरघात की सूचना पार्टी के बड़े नेताओं को दी गई थी, लेकिन पार्टी की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे मैं बहुत ज्यादा आहत हूं.

उन्होंने बताया कि आगे किस राजनीतिक दल में शामिल होना है, इसके बारे में अपने समर्थकों से बातचीत करके ही फैसला लिया जाएगा. भूपेंद्र मलिक को सोनीपत लोकसभा सीट से मात्र 7,820 वोट मिले थे. हालांकि, 2019 के विधानसभा चुनाव में बरोदा से उनका प्रदर्शन बहुत ही अच्छा रहा था और उन्हें बेहद कम मार्जिन से जीत से वंचित रहना पड़ा था.

पवन खरखौदा ने भी छोड़ी JJP

BJP- JJP गठबंधन सरकार में अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के चेयरमैन रहे पवन खरखौदा का भी जजपा पार्टी से मोह भंग हो गया है. उन्होंने भी अपना त्यागपत्र जजपा सुप्रीमो अजय चौटाला को भेज दिया है. 2019 के विधानसभा चुनाव में सोनीपत लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत खरखौदा सीट से जजपा की टिकट पर चुनाव लड़ने वाले पवन को करीब डेढ़ हजार वोटों से हार का मुंह देखना पड़ा था. उन्होंने बताया कि वह पार्टी के प्राथमिक सदस्यता के साथ ही अपने अन्य सभी पदों से त्यागपत्र दे रहे हैं. बहुत जल्द अपने समर्थकों की रायशुमारी लेकर अपने राजनैतिक भविष्य का फैसला लेंगे.

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