चंडीगढ़। पश्चिमी विक्षोभ का असर एक बार फिर देखने को मिल सकता है. इस बार पश्चिमी विश्वोभ के प्रभाव की वजह से बारिश होने की संभावना भी मौसम विभाग द्वारा जताई जा रही है. बता दें कि पश्चिमी विश्वोभ का असर हरियाणा, दिल्ली समेत साथी राज्यों में भी देखने को मिलेगा.
मौसम विभाग की जानकारी के मुताबिक देशभर में कई वेदर सिस्टम बन रहे हैं, जिससे हरियाणा समेत दिल्ली और एनसीआर में मौसम बदल सकता है. पश्चिमी हिमालय के पास एक पश्चिमी विक्षोभ आ रहा है. एक कम दबाव का क्षेत्र तमिलनाडु तट के करीब पहुंच रहा है. इस समय जिस तरह की मौसम की गतिविधियां हो रही हैं, उसका असर भी दो दिनों में देखने को मिल सकता है.
बता दें कि 8 मार्च को प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में बारिश हो सकती है. 8 मार्च को, राजस्थान के कई हिस्सों, हरियाणा के कुछ हिस्सों, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल के कुछ हिस्सों में बारिश देखने को मिल सकती है. 9 मार्च तक, दिल्ली एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं.
यह बारिश कृषि की दृष्टि से नही है अच्छा
कृषि एवं कल्याण विभाग के पूर्व तकनीकी अधिकारी डॉ. एसपी तोमर ने कहा कि मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक अगर इस समय बारिश होती है तो यह कृषि की दृष्टि से उपयुक्त नहीं है. क्योंकि अब गेहूं की फसल सूख रही है, यानी बालियां आने लगी हैं.बरसात के मौसम में झुमके से आने वाली बूर गिर सकती है, जिसका असर उत्पादन पर भी पड़ सकता है.फिलहाल किसान भाइयों को फसलों में पानी डालने से बचना चाहिए. मौसम पूरी तरह साफ होने के बाद ही सिंचाई का नर्णय लें.
ये है राहत की खबर
यानी कि अब जो बरसात होगी किसानों के लिए नुकसानदायक होगी, क्योंकि यह बारिश गेहूं की फसल को सीधा नुकसान पहुंच सकती है. हालांकि मौसम विभाग ने अधिक मात्रा में बारिश होने की बात नहीं की है. इससे पहले हरियाणा में ओलावृष्टि की वजह से भी किसानों की फसल खराब होते देखी गई थी. मगर फिलहाल इस वक्त मौसम विभाग ने अधिक मात्रा में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना नहीं जताई है. यह खबर किसानों के लिए राहत भरी है.
