हिसार | आज 19 जुलाई 2025 को हरियाणा के भिवानी, हिसार, झज्जर, दादरी और महेंद्रगढ़ के नारनौल में आसमान बादलों से ढका हुआ है. यहां तेज हवाएं चल रही हैं और किसी भी समय बारिश हो सकती है. मौसम विभाग केंद्र चंडीगढ़ द्वारा प्रदेश में आज मौसम साफ रहने का अनुमान जताया गया है, लेकिन सिरसा, हिसार, फतेहाबाद, पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर में बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है.
इन जिलों में होगी मध्यम से भारी बारिश
कल 20 जुलाई को पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत और सोनीपत में मध्यम बारिश हो सकती है. वहीं कैथल, जींद, रोहतक, भिवानी, चरखी दादरी, झज्जर, गुरुग्राम, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, फरीदाबाद, मेवात और पलवल में हल्की बारिश या बूंदाबांदी के आसार हैं.
21 जुलाई को पंचकूला, यमुनानगर, अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल और पानीपत में भारी बारिश की संभावना है, जबकि अन्य जिलों में मध्यम बारिश हो सकती है. सिरसा, फतेहाबाद और हिसार में भी बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है.
22 जुलाई को यमुनानगर, अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, हिसार, फतेहाबाद और भिवानी में तेज बारिश होने की संभावना है.
मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
मानसून टर्फ़ की उत्तरी सीमा उत्तर पश्चिमी क्षेत्र में बनने और बंगाल की खाड़ी की तरफ से नमी वाली मानसूनी हवाएं राज्य की तरफ कम आने की संभावना होने से 19 जुलाई से 21 जुलाई के दौरान राज्य में बारिश की गतिविधियों में थोड़ी कमी आने की संभावना है. वहीं, दक्षिण पश्चिमी हरियाणा में कहीं कहीं हल्की बारिश परंतु उत्तरी क्षेत्र के जिलों में कहीं कहीं छिटपुट बूंदाबांदी या हल्की बारिश की संभावना है. उसके बाद 21 जुलाई रात से मानसून फिर से एक्टिव हो जाने की संभावना है जिससे राज्य के ज्यादातर क्षेत्रों में 22 जुलाई से फिर से बारिश की संभावना बन रही है. इससे दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने की संभावना है.
अबकी बार सामान्य से हुई ज़्यादा बरसात
आईएमडी के अनुसार साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कमजोर होने के चलते दिल्ली-एनसीआर सहित हरियाणा में बारिश के आसार कम बने हुए हैं. आज और कल तापमान में बढ़ोतरी के संकेत हैं, लेकिन 21 जुलाई से दोबारा बारिश होने की संभावना है.
इस सीजन में सबसे कम बारिश कैथल में 90.4 एमएम और जींद में 92.9 एमएम रिकॉर्ड की गई है. वहीं यमुनानगर में सबसे ज्यादा 412.8 एमएम बारिश दर्ज की गई है. राज्य में अब तक औसतन 187 एमएम बारिश हुई है, जबकि सामान्यतः इस सीजन में 133.2 एमएम होनी चाहिए थी. इस हिसाब से अबकी बार सामान्य से 35% ज्यादा वर्षा हुई है.
