पंचकूला। हरियाणा में धीमी गति से चल रही स्मार्ट मीटर बिजली परियोजना अब एक्शन में नजर आएंगी. विभाग ने पंचकूला, करनाल, गुरुग्राम और फरीदाबाद में अगले महीने तक पांच लाख स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है. वहीं अब पूरे प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को ईमेल और वाट्स अप के जरिए बिजली बिल भेजने की तैयारी है. इससे बिल नहीं मिलने की शिक़ायत से छुटकारा मिलेगा.
नए कनेक्शन में लगेंगे स्मार्ट मीटर
हरियाणा में केन्द्र सरकार की एजेंसी एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड(बीएसएल) को पहले चरण में इस वर्ष के आखिर तक 10 लाख स्मार्ट मीटर लगाने थे लेकिन परियोजना पर कार्य कछुए की चाल चल रहा है. हरियाणा विधुत नियामक आयोग( एचईआरसी) के चैयरमेन आरके पचनंदा और सदस्य नरेश सरदाना को सौंपी रिपोर्ट में ईईएसएल के महाप्रबंधक रजनीश राणा ने भी परियोजना पर धीमी गति की बात को माना है.
वर्ष 2023 तक पूरा करेंगे लक्ष्य
जून महीने में जहां 45 हजार 500 स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य था जबकि 7137 मीटर ही लग पाएं. इसी तरह जुलाई में 24 हजार मीटर लगने थे जबकि लक्ष्य के विपरित 7531 स्मार्ट मीटर ही लग पाएं. अब इस परियोजना को दिसंबर 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
वहीं बिजली निगमों ने परियोजना को पंख लगाने के लिए निर्णय लिया है कि आगे अब चार जिलों में जो नए बिजली कनेक्शन जारी होंगे या फिर खराब व जले हुए मीटरों को बदला जाएगा तो उनके स्थान पर स्मार्ट मीटर लगाएं जाएंगे. स्मार्ट मीटर लगने से उपभोक्ताओं को ज्यादा रीडिंग आने की परेशानी से भी छुटकारा मिलेगा.
बिजली विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास ने बताया कि अगले महीने तक पांच लाख स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा. स्मार्ट मीटर लगने से बिजली उपभोक्ताओं के पास डिजिटल तरीके से बिजली का बिल पहुंचेगा जिसे वह ऑफलाइन या ऑनलाइन आसानी से भर सकेंगे. स्मार्ट मीटर में प्रीपेड की सुविधा उपलब्ध होगी.
