ज्योतिष | हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व बताया गया है. इसी दिन रक्षाबंधन (Rakshabandhan 2023) का पर्व भी मनाया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूर्णिमा वाले दिन स्नान दान और तर्पण करने का सदियों से ही विधान है. अबकी बार सावन महीने की पूर्णिमा पर भद्रा काल भी लग रहा है. जिसकी वजह से 30 और 31 दोनों को ही रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा. इस दिन शनि और गुरु भी वक्री रहने वाले हैं. साथ ही, बुधादित्य योग का भी निर्माण होगा. अबकी बार सावन महीने की पूर्णिमा पर लगभग 200 सालों के बाद अद्भुत संयोग का निर्माण होने वाला है.
सावन की पूर्णिमा पर करें विशेष उपाय
यदि आप भी चाहते हैं कि आपके घर में सुख- समृद्धि बनी रहे और आपको देवताओं का आशीर्वाद मिलता रहे तो आपको इस दिन कुछ खास उपाय करने चाहिए. इन उपायों को करने से माता लक्ष्मी आपसे प्रसन्न रहती है और जीवन में कभी भी आपको पैसों की कमी का सामना नहीं करना पड़ता. इस दिन आपको गरीब और असहाय लोगों को दान देना चाहिए. ऐसा करने से आपको विशेष लाभ होता है.
घर की चौखट पर लगाए चांदी का स्वास्तिक
स्वास्तिक को हिंदू धर्म में काफी अच्छा माना जाता है. पूजा पाठ, यज्ञ अनुष्ठान आदि सभी में ही स्वास्तिक का चिह्न जरूर बनाया जाता है. घर की चौखट पर भी स्वास्तिक बनाना काफी अच्छा माना जाता है स्वास्तिक बनाने से कई प्रकार के वास्तु दोष घर से दूर हो जाते हैं. यदि आप सावन महीने की पूर्णिमा के दिन चांदी का स्वास्तिक अपने घर की चौखट पर लगाते हैं तो इससे आपके घर में हमेशा ही सुख और समृद्धि बनी रहती है.
प्लाश का पौधा
माता लक्ष्मी को पलाश का फूल बेहद ही पसंद होता है. इस दिन आपको मां लक्ष्मी की पूजा अर्चना करके उन्हें यह पुष्प अर्पित करना चाहिए. सावन की पूर्णिमा के दिन आप अपने घर में पलाश के पौधे को अवश्य लाए. ऐसा करने से आपकी इनकम और व्यापार में वृद्धि होती है और धन आगमन के रास्ते भी खुलते हैं.
एकाक्षी नारियल
यदि सावन महीने की पूर्णिमा तिथि के दिन हम अपने घर में एकाशी नारियल लेकर आते हैं तो ऐसा करने से मां लक्ष्मी काफी आसानी से प्रसन्न हो जाती है. मां लक्ष्मी को यह नारियल बेहद ही पसंद होता है. जिस घर में भी यह नारियल रहता है, वहां मां लक्ष्मी का वास निश्चित रूप से होता है और उनके घर में कभी भी गरीबी का वास नहीं होता. इसलिए आपको सावन की पूर्णिमा के दिन अपने घर में इस नारियल को जरूर लाना चाहिए.
डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. Haryana E Khabar इनकी पुष्टि नहीं करता है.
